
इन्दौर। ज़िला कोर्टो मं लंबे समय से लोक अभियोजक (जीपी) की संख्या बढ़ाए जाने के साथ अतिरिक्त लोक अभियोजक (एजीपी) की भी मांग की जा रही थी। अब सरकार की ओर से इसमें कार्रवाई शुरू हुई है। जिसके चलते जिला कोर्ट में 38 सेशन न्यायालयों के लिए शासन की ओर से प्रकरणों की पैरवी के लिए सरकारी वकीलों की कमी की जल्द पूर्ति हो जाएगी । इस कमी के चलते सुनवाई न होने से लम्बित प्रकरणों की बढ़ती समस्या से निजात पाने के लिए इस कमी को दूर करने हेतु सभी 38 अतिरिक्त सेशन जज (एडीजे) कोर्ट में एक- एक अतिरिक्त लोक अभियोजक (एजीपी) नियुक्त किए जाने के लिए पात्र वकीलों से 25 जून तक आवेदन बुलवाए गए हैं। इंदौर जिला लोक अभियोजक, एडवोकेट अभिजीत सिंह राठौर ने इस संदर्भ में इंदौर बार एसोसिएशन को पत्र भेज कर सूचित किया है। पत्र में राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत उक्त आवेदन बुलवाए जाने को कहा गया है। इसमें बताया गया है कि जीपी व एजीपी की नवीन पेनल के लिए प्रत्येक एडीजे कोर्ट के लिए चार चार वकीलों के नाम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अनुशंसा के साथ भेजे जाएंगे। इसके लिए 25 जून तक की समयावधि तय की गई है। इंदौर बार एसोसिएशन के सचिव कपिल बिरथरे के अनुसार पत्र मिलने के बाद बार एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों को इसका प्रारूप भेज दिया है ताकि पात्र वकील आवेदन कर सकें। बता दें कि अभी जिला कोर्ट की एडीजे कोर्ट में शासन की ओर से एक लोक अभियोजक (जीपी) सहित मात्र 12 अतिरिक्त लोक अभियोजक (एजीपी) पदस्थ हैं। इस कारण एक एक एजीपी को दो-दो, तीन- तीन कोर्ट देखना के केस देखना पड़ते है। इस वजह से लंबित मामलो के जल्द निराकरण में दिक्कत आ रही है और लम्बित प्रकरणों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जिसके निराकरण हेतु ही शासन द्वारा यह पहल की गई है।
