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कोरोना महामारी को लेकर प्रशासन अलर्ट लेकिन गाइडलाइन और संसाधनों का अभाव
अस्पतालों में बढ़ रहे सर्दी-खांसी-बुखार के मरीज
महाराष्ट्र राज्य में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मरीज

बालाघाट। देश में एक बार फिर कोरोना महामारी ने दस्तक दी है और मरीजों की संख्या में लगातार इज़ाफा हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें जहां सतर्कता बरतने की बात कर रही हैं, वहीं ज़मीनी स्तर पर तैयारियों की पोल खुलती नजर आ रही है। बालाघाट जिले की स्थिति इसकी एक बानगी है। जहां न तो आरटीपीसीआर जांच की सुविधा है, और न ही रेपिड टेस्ट किट उपलब्ध हैं। जबकि अस्पतालों में सर्दी-खांसी-बुखार के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है जब जांच ही नहीं हो पा रही, तो संक्रमण की पुष्टि और नियंत्रण कैसे होगा?
प्रशासन ने भले ही कोरोना को लेकर ‘अलर्ट मोड’ की बात कही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। जिला चिकित्सालय में भी जांच के लिए आवश्यक संसाधनों का अभाव है। दूसरी ओर, जिले में सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे कोरोना संक्रमण की आशंका और बढ़ जाती है। बालाघाट की भौगोलिक स्थिति भी चिंता का विषय है, क्योंकि यह जिला महाराष्ट्र राज्य की सीमा से जुड़ा हुआ है। महाराष्ट्र राज्य में फिलहाल कोरोना के मामले फिर से उभर रहे हैं और ऐसे में दोनों राज्यों के बीच होने वाला नियमित आवागमन जिले में संक्रमण के खतरे को और बढ़ा रहा है।
अस्पताल में ऑक्सीजन, आईसीयू सहित अन्य सुविधाएं मौजूद
कोरोना अलर्ट को लेकर प्रशासन अलर्ट है। उपचार के लिए अस्पताल में सारी सुविधाएं मौजूद है। लेकिन जांच के लिए अभी तक कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है। जिसके चलते कोरोना संक्रमण के विस्तार से इंकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि, बालाघाट जिले में कोरोना महामारी ने दस्तक नहीं दिया है। लेकिन जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी तो इसके फैलाव को रोका नहीं जा सकता। इधर, जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन, आईसीयू वार्ड, दवाएं सहित अन्य आवश्यक संसाधन अस्पताल में उपलब्ध है। जिसके चलते प्रशासन कोरोना महामारी को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी नहीं की गाइड लाइन
कोरोना महामारी के फैलाव को रोके जाने के लिए अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने कोई भी गाइड लाइन जारी नहीं की है। इतना ही नहीं अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की जांच भी नहीं की जा रही है। ऐसे में गाइड लाइन व जांच के अभाव में कोरोना संक्रमण बढ़ सकता है। कोरोना संक्रमण को रोके जाने के लिए लोगों में भी जागरुकता की कमी नजर आ रही है। दो गज की दूरी, मास्क है जरुरी ऐसे स्लोगन को लोग भूल ही गए हैं। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग कब तक गाइडलाइन जारी करता है और ज़रूरी संसाधन जिलों तक पहुँचते हैं। फिलहाल, सतर्क रहना और सावधानी बरतना ही आम जनता के लिए एकमात्र उपाय है।
इनका कहना है
जिला चिकित्सालय में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं और प्रशासन अलर्ट है। फिलहाल अस्पताल में कोरोना जांच के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। विभाग से गाइड लाइन मिलते ही इसकी सुविधा भी उपलब्ध करा दी जाएगी। विभाग ने अभी तक बाहर से आने वाले लोगों की जांच नहीं की है।
-डॉ. परेश उपलप, सीएमएचओ, बालाघाट

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