
इन कोड नामों में छिपी है दोनों देशों की धार्मिक मान्याएं
नई दिल्ली। इजराइली सेना ने शुक्रवार सुबह ईरान पर हमला किया, जिसे ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नाम दिया गया। इस ऑपरेशन के तहत इजराइल ने 200 से ज्यादा फाइटर जेट्स से ईरान के 100 से ज़्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें ज्यादातर ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकाने शामिल थे। इसके जवाब में ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3 शुरू किया, जिसके तहत इजराइल के कई प्रमुख शहरों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। हालातों से ऐसा लगा रह है कि ये जंग बड़ी ना हो जाए।
इजराइल और ईरान के बीच चल रही यह जंग सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव नहीं है, बल्कि कहीं न कहीं धर्म और वर्चस्व की लड़ाई बनती जा रही है। दोनों ही देश अपने-अपने धार्मिक प्रतीकों और मान्यताओं का सहारा लेकर इस संघर्ष को वैचारिक आधार देने की कोशिश कर रहे हैं।
इजराइल खुद को यहूदियों की पवित्र भूमि बताता है और येरुशलम जैसे धार्मिक शहर पर अपने हक जताता है। वहीं, ईरान खुद को मुस्लिम दुनिया का अगुवा मानता है और इस्लामिक मान्यताओं और एकता का हवाला देकर मुस्लिम देशों को इजराइल के खिलाफ लामबंद करने की कोशिश करता है। अब इसका असर दोनों देशों के सैन्य अभियानों के नामों पर भी साफ दिखाई देता है। ईरान ने हाल ही में इजराइल के खिलाफ ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3 नाम से एक सैन्य अभियान शुरू किया है।
ट्रू प्रॉमिस (सच्चा वादा) नाम इस्लामी परंपरा से लिया गया है। इस्लामी धर्मशास्त्र में सच्चा वादा का संबंध कयामत के दिन से है यानी वह दिन जब ईश्वर सभी इंसानों से उनके कर्मों के आधार पर हिसाब लेगा। इसे अंतिम न्याय का दिन भी कहा जाता है। ईरान ने इस नाम का इस्तेमाल अपनी सैन्य कार्रवाइयों के लिए किया है, जो उसके नजरिये में न्याय और प्रतिशोध का प्रतीक है। यह इजरायल के खिलाफ ईरान की तीसरी प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई है, जो ट्रू प्रॉमिस 1 और ट्रू प्रॉमिस 2 के बाद शुरू की गई है। पिछले अभियान अप्रैल 2024 और अक्टूबर 2024 में हुए थे। इसका मुख्य लक्ष्य इजराइल के सैन्य और खुफिया ठिकानों पर हमला करना था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑपरेशन राइजिंग लायन नाम बाइबल की एक आयत से लिया गया है। इस आयत में कहा गया है कि देखो, लोग एक बड़े शेर की तरह उठेंगे, और एक जवान शेर की तरह खुद को ऊंचा उठाएंगे। वह तब तक नहीं सोएगा जब तक वह अपने शिकार को न खा ले और मारे गए लोगों का खून न पी ले। ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ एक भविष्यवाणी से जुड़ा हुआ है। इसमें इजराइल की ताकत और शक्ति की तुलना ऐसे शेर से की गई है, जो तब तक आराम नहीं करता जब तक अपनी भूख नहीं मिटा ले।
