
टेलीकॉम कंपनी ने मोबाइल नंबर किया था आवंटित, लेन-देने के आने लगे थे मैसेज
इंदौर। ठगी और धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हाल में मध्यप्रदेश के इंदौर में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्सपर्ट और उसके पिता को इंदौर जिला न्यायालय के बैंक खाते से करीब 64 लाख रुपए निकालने के आरोप में गुजरात से गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती जांच में पुलिस ने पाया कि आरोपी साहिल रंगरेज (26) और उसके पिता साजिद सत्तार (57) ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए प्राप्त धन को महंगे मोबाइल खरीदने, महंगी कारों की बुकिंग करने और विदेश यात्राओं पर खर्च किया है।
इंदौर के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने कहा कि हाल ही में उनके खिलाफ 5 मार्च से 11 जून के बीच अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) कोर्ट के बैंक खाते से धोखाधड़ी करके 64.05 लाख रुपए निकालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच में मिले सबूतों के आधार पर उन्हें गुजरात के वलसाड से गिरफ्तार किया गया है। बता दें कोर्ट के बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर रिचार्ज न होने के कारण निष्क्रिय हो गया और संबंधित टेलीकॉम कंपनी ने करीब दो साल बाद यह नंबर साजिद को आवंटित कर दिया था। दंडोतिया ने बताया कि मोबाइल नंबर मिलने के बाद साजिद को कोर्ट के बैंक खाते से सरकारी लेन-देन के बारे में एसएमएस आने लगे। जब उसने यह बात अपने आईटी एक्सपर्स बेटे साहिल को बताई तो उसने मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर कोर्ट के बैंक खाते से ऑनलाइन भुगतान करने का पासवर्ड हासिल कर लिया। इस तरह उसने कोर्ट के बैंक खाते से पैसे निकालने शुरू कर दिए।
उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि पिता-पुत्र ने ऑनलाइन ठगी से मिले पैसे को महंगे मोबाइल, कारें और विदेश यात्राएं, इलाज और पुराने फ्लैट की मरम्मत पर खर्च किए हैं। पुलिस मामले की विस्तार से जांच कर रही है।
