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अशोकनगर की महिला व बच्चे घायल, दुकानदार दबा इंडिया स्पोर्ट्स की दुकान में हुआ हादसा, नगरपालिका की लापरवाही फिर सामने आई
गुना। शहर के जयस्तंभ चौराहे के निकट बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब नगरपालिका की जर्जर दुकान की छत अचानक भरभरा कर गिर पड़ी। यह हादसा करीब 1:10 बजे लक्ष्मीगंज स्थित इंडिया स्पोर्ट्स दुकान में हुआ, जहां पर अशोकनगर निवासी एक परिवार खरीदारी कर रहा था। छत गिरने से दुकानदार विक्की जैन मलबे में दब गया, वहीं महिला और उसके दो छोटे बच्चे घायल हो गए। घायल महिला की पहचान ममता भील (35) निवासी अशोकनगर के रूप में हुई है, जो अपने पति नैनकराम भील और दो बेटों आर्यन भील (10) और अयनांश भील (6) के साथ क्रिकेट किट खरीदने गुना आई थीं। जैसे ही उन्होंने दुकान से सामान खरीदा, अचानक ऊपर से छत ढह गई। हादसे में ममता भील और बच्चे मलबे से बमुश्किल निकाले गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां प्राथमिक उपचार जारी है। घटना में दुकान मालिक विक्की जैन को भी बाद में रेस्क्यू कर निकाला गया। जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और नगरपालिका का अमला मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबे में दबे दुकानदार को निकालने का कार्य देर तक चलता रहा। यह दुकान नगर पालिका की बताई जा रही है, जिसकी हालत लंबे समय से जर्जर थी। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। शहर में ऐसे कई कॉम्प्लेक्स जैसे सुगन चौराहे स्थित विजयवर्गीय कॉम्प्लेक्स भी खतरे की जद में हैं। वर्षों से नोटिस जारी करने का सिलसिला चलता रहा, लेकिन व्यावहारिक कार्रवाई नहीं हुई। यह हादसा नगरपालिका की लापरवाही का परिणाम है, जो भविष्य में और भी गंभीर त्रासदियों को जन्म दे सकता है।

नपा द्वारा वर्षों से इन दुकानों को खाली कराने के लिए नोटिस दिए जा रहे

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुकान की हालत काफी समय से जर्जर थी, फिर भी उसे खाली नहीं कराया गया। बताया जा रहा है कि यह दुकान नगरपालिका के स्वामित्व वाली है, जो वर्षों से मरम्मत के अभाव में खतरे का केंद्र बनी हुई थी।
यह कोई पहली घटना नहीं है। शहर में नगरपालिका के कई पुराने कॉम्प्लेक्स जैसे सुगन चौराहा स्थित विजयवर्गीय कॉम्प्लेक्स भी बेहद जर्जर हालत में हैं। नपा द्वारा वर्षों से इन दुकानों को खाली कराने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों में सिमटी हुई है। यह हादसा नगरपालिका की लापरवाही और जर्जर भवनों के खतरे की एक और चेतावनी है। प्रशासन को अब सिर्फ नोटिसों से आगे बढक़र ठोस कार्रवाई करनी होगी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे टाले जा सकें।

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