कालेजों में प्रवेश के लिए सेकंड राउंड काउंसलिंग सूची दो दिन में
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से नए शैक्षणिक सत्र को जुलाई में शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरणों में है। समय पर शैक्षणिक सत्र शुरू करने के लिए एक महीने पहले ही यूजी एवं पीजी कक्षाओं में प्रवेश के लिए काउंसलिंग शुरू हो गई थी। सरकारी कॉलेज की अधिकतर सीटें भर चुकी है। वहीं निजी कॉलेज संचालकों की दूसरे राउंड में भी 70 फीसदी ज्यादा साइट खाली रहेगी। 24 जून को सेकंड काउंसलिंग की सूची जारी हो जाएगी और 25 जून से कॉलेज लेवल काउंसलिंग भी शुरू होगी।
वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 15 मई से प्रवेश के लिए पहले चरण शुरू हो गया था। पहले दौर में बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम, एमएससी आदि यूजी-पीजी की सीटों पर तकरीबन सवा लाख विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया था। पहला चरण पूरा होने के बाद 13 से 18 जून तक दूसरा चरण कॉलेज में प्रवेश के लिए रखा गया था। इसमें करीब 1 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। अब इसकी आवंटन सूची 24 जून तक आएगी। इसका विद्यार्थियों को बेसब्री से इंतजार भी है। दरअसल, प्रदेश के सभी सरकारी और निजी कॉलेजों में यूजी की 6 लाख 70 हजार और पीजी की 1 लाख 80 हजार सीट रहती है। कुल 8 लाख 50 हजार सीटें हर साल प्रवेश के लिए निर्धारित रहती हैं। खाली सीटों में सबसे ज्यादा आंकड़ा निजी कॉलेजों का रहता ही है।
प्रवेश से पूर्व विद्यार्थी गंभीरता से करे विचार
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद विद्यार्थी कॉलेज में प्रवेश के लिए उत्सुक रहते है। निजी कॉलेज संचालक नए विद्यार्थियों को उनके स्कूलों से ही संपर्क कर कॉलेज में प्रवेश होने तक अलग-अलग प्रकार के प्रलोभन या चॉइस दी जा रही है। इसमें कॉलेज की बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी, मैदान, वाई फाई के साथ प्लेसमेंट की गारंटी का वादा करने से भी नहीं चूकते। यही नहीं फीस में भी निजी कॉलेज डिस्काउंट कर रहे है, ताकि उनके कॉलेजों में ज्यादा से ज्यादा प्रवेश हो जाए। अब ऐसी स्थिति में अक्सर विद्यार्थी प्रवेश के बाद अपने को ठगा सा महसूस करते हैं, जिसके लिए वह उच्च शिक्षा विभाग में सालभर शिकायतें करते देखे जाते है। विद्यार्थियों को चाहिए कि प्रवेश से पहले वह जिस कॉलेज में अपनाएडमिशन ले रहे है, उसकी अच्छे से जानकारी प्राप्त कर ले कि वहां पर किस कोर्स में किस प्रकार के फैकल्टी उनको शिक्षा देने वाली है। इसके साथ अन्य जानकारियां भी जुटाएंगे, तो उनकी आगे की पढ़ाई आसान होगी।
