
नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक में लापरवाह अधिकारियों को चेतावनी
जबलपुर। प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने जबलपुर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और दो टूक चेतावनी दी – अगली बार अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी तो कर दूंगा सस्पेंड।
घंटाघर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस सांस्कृतिक एवं सूचना केंद्र में आयोजित इस अहम बैठक में भारत सरकार और राज्य शासन की नगरीय योजनाओं की समीक्षा की गई। इन योजनाओं में अमृत योजना 1.0 और 2.0, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी जबलपुर 2.0, कायाकल्प, मुख्यमंत्री अद्योसंरचना योजनाएं, अर्बन मोबिलिटी और अर्बन डेवलपमेंट कंपनी से जुड़े कार्य शामिल थे।
इस समीक्षा बैठक में स्मार्ट सिटी सीईओ अनुराग सिंह, प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा, संयुक्त संचालक परमेश जलोटे, अपर आयुक्त वीएन बाजपेयी, प्रशांत गोटिया, मनोज श्रीवास्तव, श्रीमती अंजू सिंह, कमलेश श्रीवास्तव, संभव अयाची, अंकिता जैन सहित बड़ी संख्या में नगर निगम व निकाय अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने अंत में स्पष्ट किया – काम में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर सुधार नहीं हुआ तो अगली बैठक में कार्रवाई तय है।
कई जगह लापरवाही उजागर…
आयुक्त भोंडवे ने समीक्षा के दौरान पाया कि अनेक नगरपालिकाओं में ठेकेदारों की लापरवाही से प्रगति ठप है। विद्युत बिलों में अत्यधिक राशि, आवासीय परियोजनाओं में सुस्ती और योजनाओं के अधूरे कार्यों पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अधिकारी फील्ड में रहकर जमीनी स्तर पर कार्य करें, वरना सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी।
काम में पारदर्शिता और जवाबदेही का निर्देश
आयुक्त ने सभी सीएमओ और विभागीय प्रमुखों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पारदर्शिता से निभाएं और आमजन का विश्वास अर्जित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि बिजली बिलों को लेकर एनर्जी ऑडिट कराएं और सही असिस्मेंट करें ताकि व्यर्थ व्यय रोका जा सके।
आवास योजना की धीमी प्रगति पर असंतोष…
प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य आवासीय परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर भी सवाल उठाते हुए आयुक्त भोंडवे ने कहा कि अधूरी योजनाओं को PPP मोड या हाउसिंग बोर्ड के सहयोग से शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने अनुदान राशि का विधिवत उपयोग करने की भी सख्त हिदायत दी।
आत्मनिर्भर निकाय पर विशेष जोर……..
आयुक्त ने कहा कि नगर निगमों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस रणनीति की जरूरत है। उन्होंने निगमों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने, वेतन भुगतान, सीएम हेल्पलाइन, स्पर्श पोर्टल, वित्त आयोग से जुड़ी योजनाओं, PME बस और अर्बन मोबिलिटी जैसे बिंदुओं पर भी चर्चा की और सभी अधिकारियों को प्रगति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
