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परीक्षा केंद्रों पर अंधेरे की जांच के लिए कोर्ट रूम की लाइट बंद कराई
इन्दौर । उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने नीट यूजी परीक्षा में अव्यवस्था को लेकर दायर 90 से अधिक याचिकाओं पर फाइनल ऑग्यूमेंट में सुनवाई करते सभी पक्षकारों के तर्कों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने परीक्षा केन्द्रों पर लाइटें जानें के दौरान हुए अंधेरे की बात को जांचने के लिए कहा-… लाइटें बंद कर दो, हम परिस्थितियां देखना चाहते हैं।… जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर कुछ देर के लिए कोर्ट रूम की लाइटें बंद भी की गई। उसके पश्चात कोर्ट ने कहा कि हम अभ्यर्थियों की परेशानी जानना चाहते थे कि उन्होंने किन परिस्थितियों में परीक्षा दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट मृदल भटनागर, नितिन भाटी ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा केंद्रों के पर्यवेक्षकों ने खुद स्वीकारा था कि बिजली गुल होने पर परीक्षा केंद्रों पर दृश्यता अत्यंत कम होकर एक मीटर तक आ गई थी जबकि सामान्यतः यह छह मीटर होती है। उन्होंने यह भी कहा था कि वर्षा और तेज हवा की वजह से परीक्षा कक्षों की खिड़कियां भी बंद करना पड़ी थीं। परीक्षा केंद्रों पर पावर बेकअप की कोई व्यवस्था नहीं थी, जबकि एनटीए ने ऐसी किसी अव्यवस्था से इन्कार कर रहा है। याचिकाकर्ताओं की और से पैरवी कर रहे एडवोकेट मृदुल भटनागर ने कोर्ट को यह भी बताया कि पीड़ित स्टूडेंट्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस मामले में अब 100 से अधिक स्टूडेंटस शामिल हो गए हैं। इन सभी के रिजल्ट परीक्षा के दौरान बिजली गुल होने के कारण प्रभावित हुए हैं। कई सेंटरों में पावर बैकअप का इंतजाम नहीं था। इसके लिए इन्हें रिएक्जाम का मौका दिया जाए। सुनवाई में एनटीए की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता वर्चुअल उपस्थित हुए। वहीं उनके पैनल के वकील रूपेश कुमार और डिप्टी सॉलिसीटर रमेश दवे प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे। एनटीए की ओर से कोर्ट को बताया कि एक्जाम के दौरान बैकअप का इंतजाम था। 75-80 स्टूडेंटस के लिए फिर से भी एग्जाम करना ठीक नहीं है। तुषार मेहता ने तर्क रखा कि देशभर में 22 लाख से ज्यादा अभ्याथियों ने नीट यूजी परीक्षा दी थी। इंदौर में 49 सेंटर बनाए गए थे। सिर्फ 8 सेंटर में ही बिजली गुल होने की वजह से कुछ परेशानी हुई थी। 75 अभ्यर्थियों ने ही याचिका दायर की है। तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि देशभर में 1300 परीक्षार्थियों ने नीट यूजी में 600 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इनमें से 11 अभ्यर्थी इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों के हैं। एनटीए ने विशेषज्ञों की जो समिति बनाई थी उसने भी अपनी रिपोर्ट में माना है कि अव्यवस्था की वजह से परीक्षा पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। करीब डेढ़ घंटा चली सुनवाई चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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