
इन्दौर। अपर सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्णा डागलिया की कोर्ट ने मामूली विवाद में आरटीओ एजेंट की डंडे से पिटाई करने के आरोपी को दोषी करार दे सजा सुनाएं जाने के जेएमएफसी कोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए उसकी अपील खारिज कर आरोपी को छह माह के लिए जेल भेज दिया। 13 जुलाई 24 को जेएमएफसी कोर्ट ने धारा 325 के आरोपी राजेश जायसवाल निवासी शंकरबाग कालोनी को दोषी करार देते हुए उसे छह महीने के सश्रम कारावास और पांच सौ रुपए रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इस निर्णय के खिलाफ आरोपी राजेश जायसवाल ने सेशन कोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर की थी। अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि आरटीओ एजेंट का काम करने वाले मनीष राजपुरोहित को आरोपी राजेश जायसवाल ने वाहन का टैक्स भरने के लिए रुपए दिए थे। 1 मई 2011 को आरोपी ने टैक्स की उक्त राशि जमा नहीं करने की बात को लेकर हुए विवाद में मनीष की डंडे से जमकर पिटाई कर दी थी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाया था। घटना बाणगंगा थाना क्षेत्र के सत्यसांई बाग कालोनी की थी जिसके चलते थाना बाणगंगा पुलिस ने आरटीओ एजेंट मनीष की शिकायत पर राजेश जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना उपरांत चालान कोर्ट में पेश किया था। जहां चले ट्रायल के बाद को जेएमएफसी कोर्ट ने धारा 325 में उसे दोषी करार देते 13 जुलाई 24 को छह माह के सश्रम कारावास और पांच सौ रुपए रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ आरोपी ने क्रिमिनल अपील दायर की जिस पर सुनवाई करते कोर्ट ने भी जेएमएफसी कोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए आरोपी की अपील खारिज कर दी।
