Spread the love

समन तामील नहीं करना महंगा पड़ा
सतना। नाबालिग दुष्कर्म पीड़ता के आरोपी को अदालत का समन तामील नहीं कराने पर, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी रविंद्र द्विवेदी को चित्रकूट क्षेत्र में 62 दिन की सजा सुनाई है। इन 62 दिनों में थाना प्रभारी को आम, जामुन, महुआ और अमरूद जैसे 1000 फलदार पेड़ लगाने की सजा दी गई है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ के जस्टिस विवेक अग्रवाल एवं जस्टिस अविविंद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने यह सजा सुनाई है। 1 साल तक जो पौधारोपण किए गए हैं। उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी थाना प्रभारी को दी गई है। जहां-जहां उन्होंने पौधारोपण किए हैं। उनकी जीपीएस की लोकेशन उच्च न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए गए हैं। 1 जुलाई से 1 अगस्त के बीच में 1000 पौधे लगाने की यह अनोखी सजा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सुनाई है।
दुष्कर्म के एक मामले में सतना की स्पेशल कोर्ट ने आरोपी राम अवतार चौधरी को उम्र केद की सजा सुनाई थी। राम अवतार की ओर से हाई कोर्ट में अपील तैयार की गई थी। 30 सितंबर 2024 को हाईकोर्ट ने समन किया था। जो तामील नहीं हुआ। इस मामले में पुलिस महानिरीक्षक ने पहले ही सिटी कोतवाल को 5000 की अर्थ दंड की सजा सुनाई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *