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पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित जेल जाने की तलवार भी लटकने लगी

देहरादून।उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू है। इसके प्रावधानों के तहत उत्तराखंड में हर धर्म के लोगों के लिए बहुविवाह यानी पहली पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी का अवैध घोषित कर दिया गया है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रावधान किया गया है। बताया जा रहा है कि भाजपा के पूर्व विधायक और दिग्गज नेता सुरेश राठौड़ ने पहली पत्नी को तलाक दिए बिना ही दूसरी शादी कर ली। भाजपा ने उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। अब उन पर जेल जाने की तलवार भी लटकने लगी है।
दरअसल, उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भाजपा ने पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ को उनकी कथित दूसरी शादी के विवाद के बाद शनिवार को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हरिद्वार के ज्वालापुर निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधायक को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। उनका सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह सहारनपुर की अभिनेत्री उर्मिला सनावर को अपनी दूसरी पत्नी के रूप में पेश करते हुए दिखाई दे रहे थे। अपनी पहली पत्नी को तलाक दिए बिना राठौड़ की कथित दूसरी शादी ने पार्टी को काफी शर्मिंदगी में डाल दिया, क्योंकि इस साल जनवरी में राज्य में भाजपा सरकार द्वारा लागू किए गए समान नागरिक संहिता में बहुविवाहको अपराध माना गया है।
बीजेपी की ओर से जारी निष्कासन पत्र में कहा गया है कि पार्टी नेतृत्व आपके स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है। आपने लगातार पार्टी अनुशासन और सामाजिक आचरण के मानदंडों का उल्लंघन किया है। प्रदेश भाजपा महासचिव राजेंद्र बिष्ट द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है, ‘प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के निर्देश पर आपको पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित किया जा रहा है।’ मुद्दे की बात यह है कि उन्हें फिलहाल पार्टी से निष्कासित किया गया है, लेकिन उत्तराखंड UCC कानून के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ लीगल एक्शन का आधार भी बन गया है। ऐसे में सुरेश राठौड़ की मुश्किलें आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं।

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