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नईदिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ के न्यायमूर्ति उज्जवल भुइयाँ तथा न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन की पीठ ने शुक्रवार को एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में ला स्टूडेंट अनु उर्फ अनिकेत को तुरंत रिहा करने के आदेश खंडपीठ ने दिए हैं। इस छात्र को एनएसए के तहत गिरफ्तार कर भोपाल जेल में लगभग 1 वर्ष से बंद करके रखा गया है।
लॉ स्टूडेंट की यह गिरफ्तारी जुलाई 2024 मे बैतूल पुलिस द्वारा की गई थी। राज्य सरकार ने छात्र के खिलाफ 9 आपराधिक मामलों का हवाला दिया। कॉलेज में प्रोफेसर के साथ विवाद होने पर, हत्या के प्रयास का मामला छात्र पर दर्ज किया गया था। जब यह छात्र जेल में बंद था। उस समय इसके ऊपर एनएसए लगाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी फटकार लगाई।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। सरकार की ओर से कहा गया, आरोपी के ऊपर 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पांच मामलों में यह बरी हो चुका है। एक मामले में जुर्माना हुआ है। दो मामले अभी न्यायालय में लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस हिरासत को कानूनी प्रावधान के अनुरूप नहीं माना। सुप्रीम कोर्ट ने इसे अनुचित और अवैध गिरफ्तारी बताते हुये छात्र को तुरंत जेल से रिहा करने के आदेश दिये हैं।

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