Spread the love

25 अप्रैल 2018 को दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी

जयुपर। नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से फिर अंतरिम राहत मिली है। जस्टिस दिनेश मेहता और विनीत माथुर की खंडपीठ ने उनकी अंतरिम जमानत की अवधि 9 जुलाई तक बढ़ाई है। उन्हें मंगलवार शाम जेल में पेश होना था, लेकिन उनके वकील द्वारा पेश की गई अर्जी पर कोर्ट ने उन्हें ये राहत दी। इस फैसले से आसाराम को कुछ और दिनों की मोहलत मिल गई है, लेकिन यह मामला अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
आसाराम को 25 अप्रैल 2018 को दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। यह मामला अगस्त 2013 का है, जब एक नाबालिग लड़की ने उन पर जोधपुर के पास मनाई आश्रम में दुष्कर्म का आरोप लगाया था। आसाराम कई बार स्वास्थ्य कारणों से जमानत की अर्जी लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें या तो खारिज किया गया है या सीमित समय के लिए अंतरिम राहत दी गई है।
आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं के खिलाफ गुजरात में भी दो बहनों ने अलग-अलग बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। गुजरात मामलों की सुनवाई अभी चल रही है। आसाराम जोधपुर की केंद्रीय जेल में सजा काट रहे हैं। उन्होंने कई बार स्वास्थ्य कारणों से जमानत की अर्जी लगाई है, जिसे कोर्ट ने खारिज किया है या सीमित समय के लिए अंतरिम राहत दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *