
बालाघाट। जिला एवं सत्र न्यायालय बालाघाट न्यायाधीश प्रणेश कुमार प्राण की अदालत ने पत्नी के हत्या के आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित भी किया है।
लोक अभियोजक एमएम द्धिवेदी ने बताया कि मनेरी निवासी कैलाश और सरिता के तीन पुत्र जितेन्द्र, रमेश और दिनेश थे। जो नागपुर, हैदराबाद और आंध्रप्र्रदेश में नौकरी करते थे। चूंकि कैलाश, शराब पीकर, अक्सर, अपनी पत्नी सरिता से मारपीट करता था। जिससे परेशान होकर सरिता अपने बेटे दिनेश के यहां नागपुर चली गई थी। दिनेश को बेटा होने के कारण, उसका नामकरण, संस्कार, मनेरी में आयोजित किया गया था। जिसके कारण, वह बेटे के साथ गांव आ गई थी। गांव में बेटे दिनेश के बच्चे के नामकरण कार्यक्रम में कई रिश्तेदार, शामिल हुए थे। जिन्होंने कैलाश को समझाया था कि वह पत्नी के साथ मारपीट ना करे। तब उसने कहा था कि अब वह ऐसा नहीं करेगा। जिसके कारण पत्नी सरिता, फिर पति के साथ रहने लगी थी, लेकिन कैलाश की आदतो में कोई सुधार नहीं आया। 26 जून 2024 को, फिर कैलाश ने पत्नी के साथ मारपीट की। जिस पर पत्नी सरिता ने कहा कि वह अब यह नहीं रहेगी और नागपुर चली जाएगी। जिससे आक्रोशित होकर, कैलाश ने घर में रखी कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन और अन्य जगहो पर कई वार किए और पत्नी को लहुलुहान हालत में कमरे में छोडकऱ दरवाजा लगाकर, कैलाश घर से निकल गया। घर से निकलकर, कैलाश, एक चाय की दुकान में गया। जहां उसने चायवाले को बताया कि उसने अपनी पत्नी सरिता की हत्या कर दी और लाश घर में पड़ी है। जिसके बाद इस घटना की सूचना बहेला पुलिस को दी गई।
घटना की जानकारी के बाद बहेला पुलिस ने पत्नी सरिता की हत्या के मामले में आरोपी कैलाश हटिले को गिरफ्तार कर, न्यायालय में पेश किया। जो वर्तमान तक जेल में ही बंद था। इस मामले की अंतिम सुनवाई के बाद 3 जुलाई को बालाघाट न्यायालय के सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण की अदालत ने आरोपी को पत्नी की हत्या में दोषी पाया और उस आजीवन कारावास और अर्थदंड के दंड से दंडित करने का आदेश दिया।
