जनशिक्षक द्वारा व्यक्तिगत प्रयोजन के लिए स्वयं के हस्ताक्षर से शासकीय चेक का प्रयोग किया गया था

दमोह। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जनशिक्षक, जनशिक्षा केंद्र-शासकीय एम.एल.बी. कन्या उ. मा. विद्यालय दमोह महेंद्र जैन (मूलपद-उ.श्रैणी शिक्षक) को म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09 के तहत तत्काल प्रभाव से निलबिंत किया हैं। निलम्बन अवधि में मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पटेरा जिला दमोह नियत किया गया है। निलम्बन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। ज्ञातव्य हैं कि जनशिक्षा केंद्र शासकीय एम.एल.बी. कन्या उ. मा. विद्यालय दमोह जनशिक्षक महेंद्र जैन द्वारा आवेदक नरेन्द्र जैन एवं मयंक चौधरी से एक लाख रूपये की मदद चाही और रूपये नकद लेने के बाद से पांच वर्ष उपरांत भी राशि वापिस नहीं की गयी। जनसुनवाई में दिए आवेदन में कहा गया परिवार में शादी होने पर राशि मांगने पर झूठे वादे के साथ श्री जैन ने जनशिक्षा केंद्र शास. एम. एल. बी. क. उ. मा. वि. दमोह पांच शासकीय चेक प्रदाय किए गए। जब यह चेक बैंक में भुगतान हेतु प्रस्तुत किए गए, तो बैंक ने आपत्ति के साथ वापिस कर दिए।
इस सबंध में डीपीसी द्विवेदी ने बताया प्रकरण की जांच हेतु 03 सदस्यीय समिति गठित की गयी। जांच समिति द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन प्रतिवेदित किया है कि जनशिक्षा केंद्र-शास. एम. एल. बी. कन्या उ. मा. विद्यालय दमोह का बैंक खाता संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित था। उन्होंने बताया संबंधित जनशिक्षक द्वारा व्यक्तिगत प्रयोजन के लिए स्वयं के हस्ताक्षर से शासकीय चेक का प्रयोग किया गया है। जो कि गंभीर वित्तीय अनुशासनहीनता है।
