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सीएलसी चरणों के बाद भी खाली पड़ी १२६६ सीटे, कई पाठ्यक्रमों में एक्का दूक्का प्रवेश
छिंदवाड़ा। छात्राओं की पहली पंसद कहीं जाने वाली शिक्षक संस्था राजमाता सिंधिया गर्ल्स कॉलेज में इस वर्ष छात्राएं प्रवेश लेने में रूचि नहीं दिखा रही है। प्रवेश प्रक्रिया के शुरू हुए दो माह बीत चुके है लेकिन अब भी कॉलेज में ४० से ४५ फीसदी सीट खाली पड़ी है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रवेश प्रक्रिया के दो चरण आयोजित करने के बाद अब लगातार सीएलसी के अतिरिक्त चरणों का आयोजन कर रहा है लेकिन इसके बाद भी छात्राएं प्रवेश में रूचि नहंी दिखा रही है। जबकि अब तक यह कॉलेज छात्राओं की पहली पंसद हुआ करता था। हर वर्ष पहले दूसरे चरण में ही सीटे फुल हो जाती थी। जिसके बाद छात्राओं द्वारा सीट बढ़ाएं जाने की मांग करती थी लेकिन इस बार छात्राओं प्रवेश में उदासीनता के चलते निर्धारित सीटे भी नहीं भर पा रही है। कॉलेज में संचालित 14 प्रमुख पाठ्यक्रमों में इस बार अब तक केवल ७० प्रतिशत सीटों पर ही प्रवेश हुआ है, जबकि 5560 में से १२६६ सीटें अब भी खाली हैं। यह स्थिति न केवल कॉलेज प्रशासन के लिए चिंता का विषय है, बल्कि उच्च शिक्षा में छात्राओं की घटती रुचि को भी उजागर करती है।
वर्तमान में खाली पड़ी १२६६ सीटे
गर्ल्स कॉलेज में प्रवेश के लिए सीएलसी चरणों का आयोजन किया जा रहा है। ताकि खाली सीटों में छात्राएं प्रवेश ले सके। मंगलवार को सीएलसी की सूची जारी की गई। जिसके बाद कॉलेज में अब भी १२६६ सीटे रिक्त है। सीएलसी चरण की शुरूआत से पहले १४ प्रमुख पाठ्यक्रमों में २७९० सीटे रिक्त थी। इस चरण में १५२४ छात्राओं ने प्रवेश लिया है। इसके बाद भी १२६६ सीटे रिक्त है। जिसके लिए १६ जुलाई से कॉलेज प्रबंधन सीएलसी का अतिरिक्त चरण आयोजित करने जा रहा है।
मुख्य विषयों पर भी छात्राओं ने नहीं दिखाई रूचि
राजमाता सिंधिया गर्ल्स कॉलेज में बीए, बीकॉम, बीएससी, बीएचएचएससी, एमए, एमएससी, एमकॉम, एमएचएससी, पीजीडीसीए, पीजीडीवायई जैसे प्रमुख कोर्स संचालित होते हैं। इन सभी कोर्सों के लिए सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन छात्राओं का रुझान अपेक्षित नहीं दिख रहा है। कॉलेज प्रशासन मान रहा है कि जानकारी के अभाव, प्रतिस्पर्धा, निजी संस्थानों की ओर झुकाव और ग्रामीण छात्राओं की आर्थिक व पारिवारिक परिस्थितियां इसका प्रमुख कारण हो सकती हैं।
सीएलसी चरण के बाद पाठ्यक्रमों की स्थिति
अर्थशास्त्र १३० – ५५
अंग्रेज़ी ५० – २७
हिंदी १६० – ९७
इतिहास २५० – ४१
राजनीति विज्ञान २५० – ५६
संगीत ३० – ३०
संस्कृत ८० – ५५
समाजशास्त्र २५० – ७९
कंप्यूटर एप्लीकेशन ८० – ८०
होम साइंस ८० – ७०
कॉमर्स २२० – १५७
कॉमर्स विथ कंप्यूटर- ८० – ५५
बॉटनी २७५ – ६४
जूलॉजी २७५ – ६५
केमेस्ट्री १७५ – ७५
फिजिक्स ७० – ४२
गणित १०० – ५१
हेल्थकेयर मैनेजमेंट ३० – १७

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