
विद्युत विभाग के कारनामे से परेशान उपभोक्ता, शिकायत के बाद भी नहीं रही कोई सुनवाई
छिंदवाड़ा। सरकार द्वारा गरीबों को कम दरों में बिजली उपलब्ध कराई जा सके इसके लिए कई योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। ताकि आम लोगों के कंधों पर बिजली बिलों का बोझ ना बढे। लेकिन विद्युत विभाग की मनमानी के चलते सरकार की इस मंशा में पानी फिर रहा है। दरअसल विद्युत विभाग द्वारा इन दिनों उपभोक्ताओं का मनमाना बिल थमाया जा रहा है। इतना ही नहीं विभाग द्वारा ऐसा कारनामा भी किया जा रहा है। जहां ज्यादा यूनिट का कम बिल व कम यूनिट का अधिक बिजली बिल उपभोक्ताओं को थमाया जा रहा है। इसके बाद जब उपभोक्ता विभाग के पास बिल लेकर पहुंच रहे है तो विभाग उपभोक्ताओं की कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। ऐसे में मजबूरीवश उपभोक्ताओं को बिल पटाना पढ़ रहा है। ऐसा ही एक मामला शहरी क्षेत्र में सामने आया है। दरअसल एक उपभोक्ता ने मई माह में २५० यूनिट बिजली का उपयोग किया था। जिसका विभाग द्वारा २०६४ रूपए बिजली बिल दिया गया। वहीं उसी उपभोक्ता ने जून माह में २१० यूनिट का उपयोग किया। बिजली यूनिट कम करने की दशा में उपभोक्ता का बिल भी कम आना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बार विद्युत विभाग ने उसे ३३६८ रूपए का बिल थमाया। जिसकों लेकर उपभोक्ता के होश उड़ गए। यह केवल एक मामला नहीं बल्कि शहर में इन दिनों विद्युत विभाग द्वारा ऐसा ही किया जा रहा है। जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
काट दिया जा रहा कनेक्शन
विद्युत विभाग द्वारा मनमानी करते हुए उपभोक्ताओं को अपनी मर्जी के अनुसार बिल थमाया जा रहा है। जब उपभोक्ता कार्यालय बिल कम कराने पहुंच रहे है। तो वहां उनकी कोई सुनवाई नही होती है। उपभोक्ता चक्कर काटते रहते है लेकिन अधिकारी मिलते ही नहीं है। अधिकारी ना मिलने की दशा में बिल जमा करने की समय अवधि निकल जाती है तो कंपनी द्वारा कनेक्शन काट दिया जाता है। अब दोबारा लाइन चालू कराने के लिए उपभोक्ताओं को ४३० रूपए अधिक देना पड़ता है। इस स्थिति में उपभोक्ता इन दिनों स्वयं को ढगा हुआ मेहसुस कर रहे है।
अधिकारियों को भी नहीं जानकारी
जब उपभोक्ता बढे हुए बिजली बिल लेकर विभागीय कार्यालय पहुुंच रहे है तो अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा बिजली बिल को एक दम सही बताया जा रहा है, लेकिन जब उपभोक्ताओं द्वारा कम यूनिट का अधिक बिल का जवाब मांगा जा रहा है तो अधिकारी सीबीसी चार्ज का हवाला दे रहे है। अधिकारियों का कहना है कि आपने कभी पूर्व में कोई बिजली बिल नहीं भरा होगा। जिसके चलते यह सीबीसी चार्ज बिल में अतिरिक्त जुटकर आया है।इसमे हम कुछ नहीं कर सकते है। यह सब कम्प्यूटराईज होता है। जितना बिल आया है उतना तो भरना ही पड़ेगा।
उपभोक्ताओं के पास है साल भर का रिकार्ड
विद्युत विभाग के अधिकारी को यह भी नहीं पता है कि सीबीसी चार्ज कब का और क्यो जोड़ा गया है। दरअसल उपभोक्ताओं का कहना है कि वह ऑनलाइन बिजली बिलों का भुगतान कर रहे है। वर्ष २०२५ के शुरूआती माह से हमारे पास पटाए हुए बिलों की कापी है, हमारे द्वारा नियमित बिलों का भुगतान किया जा रहा है। इसके बाद भी विद्युत विभाग द्वारा सीबीसी चार्ज का हवाला देकर अतिरिक्त चार्ज लगाया जा रहा है।
स्मार्ट मीटर के माध्यम से चल रहा खेल
उपभोक्ताओं का कहना है कंपनी द्वारा आम नागरिकों के फायदे के लिए नहीं बल्कि कंपनी के फायदे के लिए घरों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे है। सामान्य मीटरों की अपेक्षा स्मार्ट मीटर तेजी से चल रहे है। जब से घरों पर स्मार्ट मीटर लगाए गए है तब से ही अधिक बिल जा रहे है। जिसकी शिकायते भी विभाग पहुंचकर की जा रही है लेकिन अधिकारियों की हिला हवाली के चलते कोई कार्यवाहीं नहीं हो पा रही है।
