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नई दिल्ली। बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 में हुए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े और सॉल्वर गैंग मामले में पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुंगेर और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंगेर जिले के विभिन्न इलाकों से 15 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए ये सभी आरोपी सिपाही भर्ती परीक्षा में भारी धांधली कराने वाले एक बहुत बड़े और संगठित गिरोह से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं, जो युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता था।
जानकारी के अनुसार, पटना पुलिस को इस परीक्षा में हुई धांधली को लेकर कुछ बेहद महत्वपूर्ण और गुप्त सुराग मिले थे। इन पुख्ता सुरागों के आधार पर मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद के कड़े निर्देश पर जिले के कई संवेदनशील इलाकों में एक साथ सघन छापेमारी अभियान चलाया गया। पुलिस की यह ताबड़तोड़ कार्रवाई देर रात तक चलती रही। इस दौरान संयुक्त पुलिस टीम ने तारापुर, खड़गपुर और सदर अनुमंडल के विभिन्न थाना क्षेत्रों में घेराबंदी कर छापेमारी की और कुल 15 आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, इन गिरफ्तार आरोपियों पर असली उम्मीदवारों की जगह फर्जी अभ्यर्थियों (स्कॉलर्स) को परीक्षा में बैठाने, सीधे-साधे उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा झांसा देकर मोटी रकम वसूलने और सॉल्वर गैंग के जरिए पूरी परीक्षा प्रणाली में धांधली करने का गंभीर आरोप है।
शुरुआती जांच और पूछताछ में यह भी सनसनीखेज खुलासा सामने आया है कि इन लोगों के तार राज्य स्तर के एक बहुत बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं, जो पिछले कई वर्षों से विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय रहा है। मुंगेर में हुई इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद पटना पुलिस सभी आरोपियों को आगे की गहन पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ पटना ले गई है। अब पुलिस प्रशासन यह पता लगाने में पूरी मुस्तैदी से जुटा है कि इस गिरोह के पीछे और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं और परीक्षा में धांधली करने वाला यह पूरा सिंडिकेट आखिर कैसे काम करता था। इस बड़ी कार्रवाई के बाद मुंगेर सहित आसपास के तमाम जिलों में शिक्षा माफियाओं और सॉल्वर गैंग से जुड़े अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूछताछ के दौरान कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों में भी छापेमारी की जाएगी क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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