
नई दिल्ली। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि न तो आपराधिक साजिश, न ही सत्ता का दुरुपयोग, न ही आर्थिक लाभ और न ही सरकारी खजाने को कोई नुकसान हुआ है। जांच में पाया गया कि कथित कृत्य केवल प्रशासनिक अनियमितताओं तक सीमित हैं, जो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(डी) या आपराधिक साजिश के तहत अपराध सिद्ध नहीं करते। आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ झूठे भ्रष्टाचार के केस दर्ज कर उनको बदनाम कर रही बीजेपी के षड़यंत्रों की पोल खुल गईं है। दरअसल, पीडब्ल्यूडी में भर्तियों में भ्रष्टाचार का चल रहे केस में आप के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ सीबीआई को कोई भ्रष्टाचार नहीं मिला है। लिहाजा सोमवार को उसने क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी। कोर्ट ने भी क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए केस बंद कर दिया है। सत्येंद्र जैन को क्लीन चिट मिलने के बाद आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि आप नेताओं के खिलाफ लगाए गए सारे केस झूठे हैं। समय के साथ सभी केसों में सच्चाई सामने आ जाएगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे ऊपर झूठे केस लगाकर हमें जेल भेजा गया। जिन लोगों ने यह झूठे केस लगाए और जिन नेताओं के कहने पर ये झूठे केस लगाए, क्या उन सबको जेल नहीं भेजना चाहिए? हम पर दिन रात कीचड़ उछाला गया, हमारे परिवारों को इतनी पीड़ा झेलनी पड़ी, उस सबकी भरपाई? जब चाहा फ़र्ज़ी केस कर दिया, जब चाहा जेल भेज दिया और जब मन किया क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी? क्या ये न्याय है?
