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नगर परिषद चाचौड़ा-बीनागंज में टेंडर को लेकर बड़ा विवाद
गुना/चाचौड़ा। नगर परिषद चाचौड़ा-बीनागंज में एक बार फिर टेंडर प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता नाटानी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नगर परिषद के सीएमओ और इंजीनियर ने ठेकेदार से मिलीभगत कर उनके संज्ञान और सहमति के बिना 23 निर्माण कार्यों के टेंडर जारी कर दिए हैं।
अध्यक्ष का कहना है कि उन्होंने केवल चार कार्यों के टेंडर की मांग की थी, जिसमें चूरी, डस्ट, मुरम और जेसीबी के उपयोग संबंधी कार्य शामिल थे, लेकिन बिना किसी सूचना के उसमें 19 अन्य कार्य जोड़ दिए गए और पूरे 23 कार्यों का टेंडर जारी कर दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर में मशीनों की दरों को लेकर भारी गड़बड़ी की गई है। उदाहरण के लिए, जेसीबी का प्रति घंटे रेट ₹1370 दर्शाया गया जबकि पोकलेन मशीन का ₹100 प्रति घंटे बताया गया, जो कि पूरी तरह असंभव और संदेहजनक है।
अध्यक्ष ने यह भी बताया कि कुछ कार्यों के रेट ₹10 जैसे अत्यंत कम अंकित किए गए हैं, जो गड़बड़ी की ओर स्पष्ट इशारा करते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह पूरा मामला सीएमओ, इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत का प्रतीत होता है, जिसमें जानबूझकर सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया गया है। वहीं, सीएमओ ओम त्र्यंबकेश्वर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कल ऑफिस आ जाइए, आपको सभी जानकारी दे दी जाएगी। जबकि इंजीनियर विशाल शर्मा ने दावा किया कि दोनों टेंडरों पर अध्यक्ष की सहमति ली गई थी और उनके हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि विज्ञप्ति में अध्यक्ष का नाम नहीं छपने की गलती अखबार वालों से हुई हो।
लेकिन अध्यक्ष सुनीता नाटानी का कहना है कि जिन कार्यों को परिषद के द्वारा करवाने की कभी कोई योजना नहीं थी, उन्हें भी जानबूझकर जोड़ दिया गया, जिससे यह साफ है कि पूरा टेंडर एक मिलीभगत का हिस्सा है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए

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