
चेतावनी के बाद भी नहीं हटाए गए थे कब्जे
नपा अमले की कार्रवाई देखते ही अतिक्रमणकारियों ने खुद समेटा सामान
बालाघाट। नगर के ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व के देवी तालाब परिसर को अवैध कब्जों से मुक्त कराने नगर पालिका परिषद ने सख्ती दिखाई है। अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम गोपाल सोनी के निर्देश पर बुधवार को नगर पालिका का अमला जेसीबी और पुलिस बल के साथ देवी तालाब पहुंचा। यहां लंबे समय से तालाब की पार पर स्थानीय लोगों द्वारा बांस-बल्ली लगाकर कब्जा किया जा रहा था। धीरे-धीरे इन कब्जों ने रूप लेना शुरू कर दिया और कुछ लोगों ने व्यवसाय भी आरंभ कर दिया था।
गणेश मंदिर से लेकर देवी चौक की ओर बाईं तरफ की पट्टी पर 8 से 9 लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। इनके कारण एक ओर तो मार्ग पर यातायात बाधित हो रहा था वहीं दूसरी ओर तालाब की सुंदरता और स्वच्छता पर भी असर पड़ रहा था। लगातार बढ़ते इन कब्जों को लेकर नगर पालिका को शिकायतें मिल रही थीं।
नगर पालिका ने दो दिन पूर्व ही सूचना वाहन से मुनादी कर अतिक्रमणकर्ताओं से स्वयं कब्जा हटाने की अपील की थी। मंगलवार को अमले ने मौके पर पहुंचकर स्पष्ट चेतावनी भी दी थी कि यदि कब्जा स्वयं नहीं हटाया गया तो नगर पालिका बलपूर्वक कार्रवाई करेगी। इसके बावजूद कब्जाधारी पीछे नहीं हटे। बुधवार को जब नगर पालिका का अमला दलबल पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचा तो अतिक्रमणकारियों में हडक़ंप मच गया। किसी विवाद या टकराव की स्थिति से बचने के लिए अतिक्रमणकारियों ने खुद ही अपना कब्जा हटाना शुरू कर दिया। इस दौरान नगर पालिका के कर्मचारी भी सहयोग में मौजूद रहे।
नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि देवी तालाब परिसर ऐतिहासिक धरोहर है और यहां सौंदर्य एवं स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। भविष्य में किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
