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अपने दो साथियों के साथ पिहरी तोडऩे जंगल गया था मंगरुलाल
वारासिवनी और कटंगी वन परिक्षेत्र के सीमा की घटना
बालाघाट। दक्षिण वनमंडल वारासिवनी और कटंगी परिक्षेत्र की सीमा से लगे नगझर-सिरपुर के जंगल में बाघ ने एक ग्रामीण को अपना निवाला बना लिया। शुक्रवार को बुजुर्ग का शव क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद किया गया। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। मृतक मंगरुलाल सर्राटी 60 वर्ष गुरुवार को अपने दो साथियों के साथ पिहरी तोडऩे के लिए जंगल गया था। शुक्रवार को उसका शव बरामद किया गया है। घटना दक्षिण वन मंडल के वन परिक्षेत्र वारासिवनी के रमरमा के कक्ष क्रमांक 472 रिजर्व फॉरेस्ट की है।
जानकारी अनुसार कटंगी थाना क्षेत्र के ग्राम सिरपुर निवासी 60 वर्षीय मंगरु पिता सद्दू लाल सराठी अपने दो साथी श्याम परते और नानक उईके के साथ गुरुवार की सुबह तकरीबन 7 बजे जंगल में पिहरी तोडऩे गया था। श्याम और नानक के अनुसार जंगल में मंगरु दूसरी तरफ चले गया। घर लौटते वक्त उसे आवाज लगाई लेकिन उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो वे घर लौट गए। शाम को घर पहुंचने पर पता चला कि मंगरु जंगल से लौटा ही नहीं है। शाम होने के कारण घने जंगल में कोई भी मंगरु की तलाश के लिए नहीं गया। शुक्रवार को सुबह करीब 7 बजे गांव से लगभग 7 से 8 लोग उसकी तलाश में जंगल पहुंचे। जहां करेली नाला के पास मंगरु का शव क्षत विक्षत हालत में दिखाई दिया। जिस स्थान पर बाघ ने शिकार की वारदात को अंजाम दिया, उस स्थान पर किसी भी कंपनी को दूरसंचार सर्वर नहीं होने के कारण करीब 10.30 बजे पुलिस और वन विभाग को सूचना मिली। सूचना मिलने पर पुलिस और यहां तक की वन विभाग का अमला भी बमुश्किल नदी-नाले पार करते हुए घटनास्थल पर पहुंच पाया।
10 किमी दूर जंगल में किया हमला
ग्राम नगझर से करीब 10 किमी दूर घने जंगल में बाघ ने घटना को अंजाम दिया है। वन विभाग और पुलिस को घटना स्थल तक आने और जाने में करीब 14 किमी का सफर तय करना पड़ा। इस दौरान प्रशासनिक अमले को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बताया गया है कि कटंगी वन परिक्षेत्र में बाघ के हमले की यह तीसरी जानलेवा घटना है।
घटना स्थल पर पहुंचकर की कार्यवाही
बाघ के द्वारा इंसानी शिकार की घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीओपी कटंगी विवेक शर्मा, उपवन मंडल अधिकारी बीआर सिरसाम, कटंगी थाना प्रभारी धमेन्द्र कुसराम, वन परिक्षेत्र अधिकारी कटंगी बाबूलाल चढार, वन परिक्षेत्र अधिकारी वारासिवनी दीपचंद वासनिक और वारासिवनी-कटंगी का वन अमला, वारासिवनी, कटंगी और तिरोड़ी का पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस और वन विभाग ने अलग-अलग विभागीय कार्रवाई पूरी की और फिर घटनास्थल से करीब आधा किलोमीटर दूर नाले के पास वृद्ध के शव का पीएम डॉ भूपेन्द्र गजभिए के द्वारा किया गया। जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
कमर के नीचे का किया भक्षण
बाघ ने मंगरुलाल के कमर के नीचे हिस्से को पूरी तरह से खा लिया था। जबकि एक अलग दिशा में वृद्ध के शरीर के अन्य अंग बरामद किए गए। बाघ ने शिकार के बाद वृद्ध के शव को घसीटते हुए नाले के पास पहुंचाया। घटनास्थल और उससे करीब 4 किमी दूर नाले के पास बाघ के पगमार्क मिले है। इसके आधार पर बाघ की उम्र करीब 2 से ढाई वर्ष के आस-पास होने का अनुमान लगाया गया है।
इनका कहना है
विधिवत कार्रवाई कर मृतक के शव को पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पीडि़त परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता की प्रारंभिक कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है। शीघ्र ही परिवार को मुआवजा दिलवाया जाएगा।
-बीआर सिरसाम, उप वनमंडल अधिकारी, कटंगी

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