
निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच के लिए कलेक्टर ने टीम का किया गठन
लांजी क्षेत्र के ग्राम पंचायत थानेगांव का मामला
बालाघाट। लांजी क्षेत्र के ग्राम पंचायत थानेगांव में नल-जल योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। योजना के तहत वर्ष 2022 में बनाई गई पानी की टंकी गुरुवार रात भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, वहीं उपयंत्री बीएल उद्दे को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए कलेक्टर ने टीम का गठन किया है। पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य को निर्माण की गुणवत्ता परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम थानेगांव के वार्ड क्रमांक 11 आखर चौक में 16 लाख 8 हजार रुपए की लागत से 50 हजार लीटर क्षमता की टंकी का निर्माण ठेकेदार द्वारा वर्ष 2022 में किया गया था। यह पानी की टंकी 28 अगस्त की रात्रि में भराभर कर गिर गई। योजना के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय टंकी के धसकने एवं गिर जाने के मामले को कलेक्टर मृणाल मीना ने गंभीरता से लेते हुए इस प्रकरण में दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। ठेकेदार के खिलाफ लांजी थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस टंकी के निर्माण का सुपरविजन करने वाले एवं निर्माण कार्य में मार्गदर्शन देने वाले उपयंत्री बीएल उद्दे द्वारा अपने कार्यों में लापरवाही बरतने के कारण उन्हें प्रस्ताव के आधार पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता ने निलंबित कर दिया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री बीएल उईके ने बताया कि पालिटेक्निक कालेज के प्राचार्य को टंकी निर्माण कार्य की गुणवत्ता परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा गया है।
75 लाख रुपए की लागत से किया गया है नल-जल योजना का कार्य
बताया गया कि ग्राम पंचायत थानेगांव में 75 लाख 80 हजार रुपए की लागत से नल-जल योजना का कार्य हुआ है। इसमें से पानी की टंकी पर 16 लाख 8 हजार रुपए व्यय किए गए। अधिकांश राशि का भुगतान ठेकेदार को कर दिया गया है। 16 लाख 8 हजार रुपए का भुगतान टेंडर के अनुसार अभी लंबित है। जानकारी के अनुसार ठेकेदार द्वारा इस योजना का कार्य कर लिया गया है। इस योजना से गांव में जलापूर्ति भी हो रही थी। लेकिन पानी टंकी के गिर जाने से अब गांव में पानी की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों ने तीन वर्ष में ही पानी की टंकी के धंसकने पर अनेक सवाल उठाए हैं। ग्राम पंचायत सरपंच और ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इस मामले में विभागीय अधिकारियों पर भी कार्यवाही होना चाहिए। गुणवत्ताहीन कार्य के लिए केवल एक अधिकारी ही नहीं बल्कि पूरा अमला जिम्मेदार है।
उपयंत्री की लापरवाही से विभाग की छबि धुमिल
ग्राम थानेगांव में 75 लाख 80 हजार रुपए लागत की नल-जल योजना में 16 लाख 08 हजार रुपए की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय टंकी के 28 अगस्त की शाम को धसकने एवं धराशाई होने के मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जबलपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एचएस गौड़ ने लांजी के उपयंत्री बीएल उद्दे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उपयंत्री उद्दे द्वारा अपने कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण विभाग की छवि धूमिल हुई है और शासन को वित्तीय हानि हुई है। उपयंत्री बीएल उद्दे द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में बरती गई लापरवाही के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी परियोजना मंडल कार्यालय छिंदवाड़ा नियत किया गया है।
