
359 पर एक्शन शुरू; चुनाव आयोग ने 2 महीने में 808 पार्टियों के रजिस्ट्रेशन रद्द किए
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को 474 रजिस्टर्ड गैर-मान्यता प्राप्त पॉलिटिकल पार्टियों को डीलिस्ट कर दिया है। इन पार्टियों ने पिछले छह साल से कोई चुनाव नहीं लड़ा था। इस कार्रवाई के बाद पिछले दो महीने में अब तक 808 पार्टियों को लिस्ट से बाहर किया जा चुका है। आयोग ने बताया कि इससे पहले 9 अगस्त को भी 334 पार्टियों के रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए थे। इसके अलावा आयोग ने 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 359 पार्टियों को भी चिन्हित किया है। इन पार्टियों ने तीन साल (2021-22, 2022-23 और 2023-24) से अपने ऑडिटेड अकाउंट्स और चुनावी खर्च की रिपोर्ट जमा नहीं की। ये पार्टियां चुनाव में उतरी थीं, लेकिन जरूरी रिपोर्ट समय पर दाखिल नहीं की, जिसकी वजह से अब उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
इस प्रक्रिया के पहले चरण में, चुनाव आयोग ने विगत 9 अगस्त को 334 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) को सूची से हटा दिया था। आज दूसरे चरण में, निर्वाचन आयोग ने लगातार छह वर्षों तक किसी भी चुनाव में भाग न लेने के आधार पर, 18 सितंबर को 474 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) को सूची से हटा दिया गया है। इस तरह पिछले दो महीनों में 808 आरयूपीपी को सूची से हटाए गए हैं।
छह राष्ट्रीय और 67 राज्य स्तरीय पार्टियां
निर्वाचन आयोग ने बताया कि हाल तक 2,520 आरयूपीपी थे। डी-लिस्टिंग प्रक्रिया के बाद, 2,046 आरयूपीपी बचे हैं। इनमें छह मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल और 67 राज्य स्तरीय दल हैं।
