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नागपुर। डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा 1925 में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इस वर्ष अपने 100 वर्ष पूरे कर रहा है। इस शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में इस वर्ष का दशहरा उत्सव विशेष उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस संबंध में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि इस वर्ष के दशहरा उत्सव में लगभग 21 हज़ार स्वयंसेवक भाग लेंगे। यह कार्यक्रम भव्य और अनुशासित तरीके से आयोजित किया जाएगा। इसे संघ के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर के रूप में मनाया जाएगा। कार्यक्रम की एक और अनूठी विशेषता यह है कि प्रसिद्ध गायक और संगीतकार शंकर महादेवन के गीतों का एक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। खास बात यह है कि मणिपुर के स्वयंसेवक भी इस समारोह में बड़े उत्साह के साथ भाग लेंगे। कुल मिलाकर यही कहा जा रहा है कि इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दशहरा उत्सव संघ के शताब्दी वर्ष के कारण अन्य सभी उत्सवों से अधिक भव्य और महत्वपूर्ण होगा।

1925 में मात्र 17 सहयोगियों के साथ संघ की स्थापना की
डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म नागपुर में हुआ था। उन्होंने अपना सामाजिक कार्य इसी शहर से शुरू किया था। समाज में अच्छे लोगों की आवश्यकता को समझते हुए उन्होंने 1925 में मात्र 17 सहयोगियों के साथ संघ की स्थापना की। नागपुर में उनके घर से शुरू हुआ यह छोटा सा पौधा आज वटवृक्ष बन गया है। 1932 में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नाम आधिकारिक रूप से तय किया गया था।

देश भर में एक लाख से अधिक शाखाएँ
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहली शाखा 28 मई 1929 को नागपुर के महाल क्षेत्र के मोहितेवाड़ा में शुरू हुई थी। इसलिए इस शाखा का नाम मोहिते शाखा रखा गया। यह एक छोटी सी शुरुआत थी। लेकिन आज देश भर में संघ की एक लाख से अधिक शाखाएँ कार्यरत हैं। देश भर में संघ के करोड़ों स्वयंसेवक सक्रिय हैं। संघ की शाखाएँ न केवल भारत में, बल्कि कई विदेशी देशों में भी कार्यरत हैं। इस शताब्दी वर्ष के विजयादशमी उत्सव में 21 हज़ार से ज़्यादा स्वयंसेवक भाग लेंगे। यह समारोह ऐतिहासिक होगा।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव 1995 से नागपुर के रेशमबाग मैदान में मनाया जाता रहा है। इससे पहले यह उत्सव कस्तूरचंद पार्क में आयोजित होता था। इस वर्ष संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित होने वाले विशेष विजयादशमी उत्सव में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम के बाद, सरसंघचालक मोहन भागवत शताब्दी वर्ष के अवसर पर अपना भाषण देंगे। कार्यक्रम 2 अक्टूबर को सुबह 7 बजे रेशमबाग मैदान में शुरू होगा। इस वर्ष शताब्दी वर्ष होने के कारण लगभग 21 हज़ार स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहेंगे, जो पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक है।


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