बाधा उत्पन्न करता है या विवाद करता है, तो उस पर 1,000 रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना भी

दमोह। महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से मध्य रेलवे ने रेलवे नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बढ़ा दी है। अब महिला आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले पुरुष यात्रियों पर 2,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। रेलवे प्रशासन का कहना है कि महिला कोच में लगातार हो रही अनधिकृत घुसपैठ को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई पुरुष यात्री महिला आरक्षित डिब्बे या आरक्षित स्थान पर बिना अनुमति प्रवेश करता हुआ पाया जाता है, तो उस पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। यदि संबंधित व्यक्ति जुर्माना भरने से इनकार करता है, तो मामला न्यायालय भेजा जाएगा, जहां दोषी पाए जाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना या कारावास जैसी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह प्रावधान ट्रांसजेंडर यात्रियों पर लागू नहीं होगा। सामान्य टिकट लेकर स्लीपर या एसी जैसे आरक्षित डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ भी अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि अनधिकृत यात्री आरक्षित सीट वाले यात्री के सफर में बाधा उत्पन्न करता है या विवाद करता है, तो उस पर 1,000 रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
बिना टिकट यात्रा और टिकट के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई
रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। यदि कोई यात्री बिना वैध टिकट के यात्रा करता पाया जाता है, तो उसे यात्रा का पूरा किराया चुकाने के साथ कम से कम 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना देना होगा। इसी तरह, कम दूरी का टिकट लेकर अधिक दूरी तक यात्रा करने पर शेष दूरी का किराया और अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी दूसरे व्यक्ति के नाम का टिकट इस्तेमाल करना, अपना टिकट किसी और को देना या अनधिकृत एजेंट से खरीदा गया टिकट उपयोग करना गंभीर नियम उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित यात्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे रेलवे के सभी नियमों का पालन करें और सुरक्षित एवं अनुशासित यात्रा में सहयोग करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माने के साथ आवश्यक होने पर न्यायालयीन कार्रवाई भी की जाएगी।
