
इन्दौर। विशेष सत्र न्यायाधीश (एससी एसटी एक्ट) डी.पी. मिश्रा की कोर्ट ने हत्या के एक मामले में सुनवाई उपरांत मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है वहीं हत्यारे प्रेमी को धमकाने की एक अन्य धारा में सात साल की कैद के साथ पांच हजार रुपए जुर्माने से भी दंडित किया है। प्रकरण में अभियोजन पैरवी विशेष लोक अभियोजक आरती भदौरिया ने की । उन्होंने सुनवाई दौरान 15 साक्षियों के साक्ष्य करवा कर अपराध सिद्ध किया। जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि मामला बाणगंगा थाने का होकर आठ साल पुराना 2017 का है। जब थाना क्षेत्र की गली नंबर 3 के यादव नंद नगर वंकी नाली में मृतक प्रेमचंद कुमावत की लाश मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव के गले में रस्सी के फंदे का निशान बना हुआ देखा तो हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि मृतक के घर आरोपी लक्की उर्फ प्रदीप यादव का आना-जाना था। घटना वाली रात एक साक्षी ने आरोपी संगीता व आरोपी लक्की उर्फ प्रदीप, जो कि मृतक की पत्नी का दोस्त है एवं आरोपी विक्की उर्फ विकास को मृतक के साथ मार-पीट करते देखा था। वहीं एक अन्य साक्षी ने आरोपी लक्की व विक्की को रात में मोटरसाईकल पर मृतक को बीच में बैठाकर ले जाते हुए देखा था। उक्त साक्षों के बाद थाना बाणगंगा पुलिस ने मृतक की पत्नी आरोपी संगीता व उसके प्रेमी लक्की उर्फ प्रदीप के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर विवेचना उपरांत चालान कोर्ट में पेश किया। जिस पर सक्षम न्यायालय ने सुनवाई करते दोनों को उम्र कैद की सजा सुनाई।
