
सोनम की मां की याचिका पर कोर्ट ने लगाई दहन पर रोक
इन्दौर । उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर ने विजयादशमी के मौके पर होने वाले शूर्पणखा के पुतला दहन पर रोक लगा दी है। संस्था पौरुष द्वारा इस बार दशहरे पर सोनम रघुवंशी समेत ऐसी महिलाओं के पुतले जलाने की तैयारी की थी जो पति, बच्चे और परिवार की हत्या या हत्या की साजिश की आरोपी हैं। याचिका राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने दायर की थी। इस पर हुई सुनवाई पर कोर्ट ने रोक लगाने के आदेश जारी करते कहा कि भले ही किसी पर आपराधिक केस हो, लेकिन उसका पुतला जलाना, उसकी छवि को सार्वजनिक रूप से नुकसान पहुंचाना, संविधान और कानून के खिलाफ है। याचिकाकर्ता संगीता रघुवंशी ने सुनवाई दौरान कोर्ट को बताया कि विजयादशमी पर उनकी बेटी सोनम रघुवंशी का पुतला जलाने की तैयारी की जा रही है। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना लोकतांत्रिक रूप से पूरी तरह से अस्वीकार्य होगा। बता दें कि संस्था पौरूष ने 11 चेहरों वाला जो सूर्पनखा का पुतला बनवाया था। इनमें एक चेहरा राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी का भी है। इस पर सोनम के भाई गोविंद और रघुवंशी समाज ने भी आपत्ति जताई थी। रघुवंशी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर रघुवंशी ने कहा था कि पुतले पर जिस तरह शूर्पणखा के चेहरे के रूप में सोनम रघुवंशी नाम और चित्र दर्शाया गया, वह अनुचित और समाज की छवि को भी धूमिल करने वाला है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर बुराई को दर्शाने के लिए रघुवंशी नाम का प्रयोग करना समाज की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है। फिलहाल कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की मां संगीता रघुवंशी की याचिका पर सूर्पनखा के ऐसे पुतले के दहन पर रोक लगा दी है।
