
देशभर में सात बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इस साल दशहरा से अपना शताब्दी वर्ष कार्यक्रम शुरू कर रहा है। 2 से 20 अक्टूबर 2026 तक देशभर में सात बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है।
इनका मकसद संघ की सौ साल की यात्रा, वर्तमान चुनौतियों और समाधानों को समाज के सामने रखना है। कार्यक्रम मोहल्ले से लेकर प्रांत स्तर तक आयोजित किए जाने है। पश्चिम बंगाल में यह क्रम नवरात्रि के पहले दिन ही शुरू हो चुका है। इतना ही नहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत इस दौरान विदेश भी जाएंगे। वे अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में कार्यक्रमों को संबोधित कर सकते हैं। संघ प्रमुख किन देशों में जाएंगे, इसका फैसला नवंबर में जबलपुर में होने वाली कार्यकारी मंडल की बैठक में लिया जाएगा।
संघ स्थापना के दिन दशहरे पर होने वाले संघ प्रमुख भागवत के भाषण में सेना के पराक्रम व ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र शामिल होगा। साथ ही वे वर्तमान में चल रहे मुद्दों जैसे जातिगत जनगणना, जनसंख्या नियंत्रण, आतंकवाद और पाकिस्तान पर भी संघ प्रमुख बोल सकते है।
इस दशहरे से अगले दशहरे तक देश में ये कार्यक्रम आयोजित करेगा संघ
- विजयादशमी उत्सव: मंडल और बस्ती स्तर पर गणवेश वाले स्वयंसेवक व उनके परिवारों की भागीदारी। देशभर में 2 अक्टूबर से, बंगाल में महालय से शुरुआत।
- गृह संपर्क अभियान: हर घर जाकर 15 मिनट संघ की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम तीन सप्ताह तक चलेगा।
- जन गोष्ठियां: मजदूर यूनियन, ऑटो चालकों और प्रबुद्ध वर्ग के बीच संवाद।
- हिंदू सम्मेलन: नगर और खंड स्तर पर सामाजिक वर्गों को जोड़ने वाले सम्मेलन। पहले 1989 और 2006 में हुए थे।
- सद्भाव बैठकें: 1 माह प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता, संस्थाओं व संतों की सहभागिता।
- युवा सम्मेलन: 15-40 वर्ष के युवाओं के लिए सम्मेलन, जिसमें खेल-कूद भी।
- शाखा विस्तार: एक सप्ताह सुबह और शाम की शाखाओं का देशभर में विस्तार।
