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गांव में रात बिताएं…लोगों से संवाद करें
-जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें और उनके सुझावों को सुनकर आवश्यकता के अनुसार मान
-मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों के कलेक्टर, एसपी समेत 250 से अधिक शामिल हुए

भोपाल। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में मंगलवार को आयोजित दो दिनी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को सुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी ड्राइविंग सीट पर न आएं बल्कि आसपास रहकर व्यवस्थाओं का संचालन करें। लगातार दौरे करें, किसी गांव में रात्रि विश्राम भी करें और लोगों से संवाद करें। इस दौरान छात्रावास, स्कूल, आंगनबाड़ी, राशन दुकान, निर्माण कार्यों, हॉस्पिटल आदि का औचक निरीक्षण भी करें। उन्होंने अफसरों को यह भी ताकीद किया गया है कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें और उनके सुझावों को सुनकर आवश्यकता के अनुसार मानें। कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों के कलेक्टर, एसपी समेत 250 से अधिक आईएएस, आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी शामिल हो रहे हैं। यादव के कार्यकाल में यह पहली फिजिकल कॉन्फ्रेंस हो रही है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, हमें यह विश्वास बनाए रखना है। हमने प्रदेश में जवाबदेह शासन व्यवस्था स्थापित की है। प्रदेश में सुशासन और समावेशी विकास पर जोर देते हुए सीएम यादव ने कहा कि सभी लोक सेवक प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास के लिए प्राण-प्रण से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनता के कल्याण के लिए शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर मिशन मोड में काम करना होगा। लोक सेवकों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी प्रतिभा, लगन, क्षमता और समर्पण के साथ जनता तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सब देश और समाज के विकास का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन का अंतिम उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण की किरण पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार सबके साथ, सबके लिए खड़ी है। जनता में यह विश्वास पैदा करना ही सुशासन का सबसे बड़ा उद्देश्य है। प्रदेश में जनता का विश्वास हमें मिल रहा है। यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें यह जनविश्वास हर हाल में बनाए रखना है।
अपनी पहचान कायम करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में इसी बात पर मंथन किया जाएगा कि शासन व्यवस्था को और अधिक सहज, सरल, बेहतर, पारदर्शी और विकेंद्रीकृत कैसे बनाया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ और अधिक शीघ्रता से जनता तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फील्ड में पदस्थ अधिकारी अपने काम और नवाचार से अपनी पहचान कायम करें। किसी भी ज्वलंत विषय पर पूरी दक्षता और तथ्यों के साथ अपनी बात रखें। स्थानीय जनता, मीडिया, जनप्रतिनिधियों और शासन, प्रशासन से निरंतर आत्मीय संवाद बनाए रखें।
विनम्र विद्यार्थी की तरह जिम्मेदारी निभाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा ने यदि हमें समाज के लिए काम करने का दायित्व दिया है तो हमें एक विनम्र विद्यार्थी की तरह इस दायित्व का निर्वहन करना ही चाहिए। हर दिन, हर तरीके से नई चीजें सीखें और अपनी दक्षता और अनुभव से उनका बेहतर क्रियान्वयन करें। लक्ष्य यह रखें कि नवाचार का समाज को अधिकतम लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को गुड गवर्नेंस लाभ दिलाने के लिए व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है, तो वह भी जरूर करें। सभी फील्ड अधिकारी जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता से संवाद अनिवार्य रूप से बनाए रखें। आमजन से मिलने की व्यवस्था और जनसुनवाई को और भी बेहतर बनाएं। सीएम ने कहा कि जिलों में कई बार स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया में नकारात्मक खबरें छपती हैं, इनको वेरीफाई कर इनका तत्काल खंडन किया जाना चाहिए। आज सोशल मीडिया की पहुंच जन-जन तक है। शासन के द्वारा किए जा रहे लोक-कल्याणकारी कार्यों को सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए।
राम वनगमन और कृष्ण पाथेय का निर्माण
सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में सांस्कृतिक और धार्मिक विरासतों के उद्धार एवं सौंदर्यीकरण पर ध्यान दें। ऐसा करें कि आपके क्षेत्र के स्थल दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करें। जिन जिलों में धार्मिक लोक, राम-वन-गमन पथ, कृष्ण पाथेय का निर्माण होना है, वह सिंहस्थ से पहले पूर्ण हों। दूर-दूर से आए श्रद्धालु उज्जैन के साथ प्रदेश के अन्य स्थलों का भी भ्रमण करेंगे। सभी अधिकारी प्रोफेशनल एप्रोच के साथ प्रोग्रेसिव, एनर्जेटिक और एफीशिएन्ट भी बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के क्लस्टर्स ऐसे बनें जिससे प्राकृतिक खेती-किसानी और पशुपालन दोनों क्षेत्रों को प्रोत्साहन मिले।
सीएम ने की गुलाब की खेती पर गुना कलेक्टर की प्रशंसा
कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस-2025 के पहले सेशन कृषि एवं संबद्ध सेक्टर्स में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में साप्ताहिक मार्केट, हाट बाजारों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की उपज की बिक्री कराएं। जिलों में 100-100 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित कर उसका रिकार्ड रखें। उन्होंने गुना जिले में गुलाब की खेती किए जाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि वहां के किसानों ने बड़ा ही प्रगतिशील कदम उठाया है। प्रदेश के सभी धार्मिक शहरों में भी गुलाब की खेती को बढ़ावा दिया जाए, जिससे गुलाब उत्पादन की खपत स्थानीय स्तर पर किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कलेक्टर कृषि उपज मंडी में सोयाबीन फसल की नीलामी रेट की सघन निगरानी भी रखें।
पांच जिलों में कृषि एवं उद्यानिकी पर अच्छा काम
प्रदेश के 5 जिलों के कलेक्टर्स ने अपने-अपने जिलों में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी दी। गुना कलेक्टर किशोर कान्याल ने गुलाब क्लस्टर डेवलपमेंट के बारे में बताया। हरदा कलेक्टर ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रोत्साहन किए गए प्रयासों की जानकारी दी। शाजापुर कलेक्टर ने खाद वितरण के लिए टोकन प्रणाली विकसित करने के बारे में बताया। श्योपुर कलेक्टर ने फसल अवशेष प्रबंधन की जानकारी दी। खंडवा कलेक्टर ने जिले में सफलतापूर्वक गोशाला संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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