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युवक की मौत पर परिजनो ने किया हंगामा, 7 घंटे रोड़ रहा जाम
अशोकनगर। शहर में एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद हंमागा मच गया। परिजन और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड पर चक्काजाम कर दिया। परिवार का आरोप है कि पुलिस की पिटाई के बाद युवक की मौत हुई है। 8 पुलिसकर्मियों ने पीटा और पानी में डुबाकर मारा। इसके के बाद अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसकी मौत हो गई।
मामला जिले के शाढौरा थाना क्षेत्र के बमूरिया गांव का है। परिजन ने पहले अस्पताल में हंगामा किया। इसके बाद बस स्टैंड पर चक्काजाम कर दिया। परिजन सभी पर एफआईआर करने की मांग को लेकर अड़े हुए थे। 7 घंटे बाद पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद परिजन ने चक्काजाम खत्म किया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी विवेक शर्मा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वहीं एसपी राजीव मिश्रा ने मामले में प्राथमिक रूप से दोषी पाए गए प्रधान आरक्षक नितिन यादव, विष्णु धाकड़, संजीव साहू और शाहरुख को लाइन अटैच कर दिया।
परिजन बोले- डंडे और बेल्ट से पीटा:
मृतक की पहचान लखन पिता लक्ष्मण सिंह यादव (45) के रूप में हुई है। अर्जुन सिंह ने बताया कि मेरा भाई लखन गुरुवार देर शाम गांव के कुछ साथियों के साथ बैठा था, तभी आठ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे इनमें कुछ वर्दी में तो कुछ सिविल ड्रेस में थे। सभी उसे पकड़कर मारपीट करने लगे। परिवार का कहना है कि लखन के शरीर पर डंडों और बेल्ट से मारपीट के निशान हैं।
जाम में घंटो फसे रहे लोग:
ग्रामीणों के चक्काजाम के बाद अशोकनगर-गुना मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। सिर्फ दोपहिया और छोटे वाहन ही मुश्किल से निकल पा रहे थे, जबकि बस, ट्रक और लोडिंग वाहन जाम में फंस गए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी।
विधायक बोले- दोषियों पर एफआईआर क्यों नहीं
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक हरी बाबू राय भी मौके पर पहुंचे है। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है, पुलिस का रवैया लगातार सवालों के घेरे में है।
कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश:
घटना कं गंभीरता को लेकर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आदित्य सिंह द्वारा मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं। जांच हेतु बृजविहारीलाल श्रीवास्तव, अनुविभागीय दण्डाधिकारी अशोकनगर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। अनुविभागीय दण्डाधिकारी घटना का स्थान एवं समय, वह कौन-कौन से कारण रहे, जिससे उक्त घटना घटित हुई, क्या घटना के समय मृतक व्यक्ति शराब का सेवन किये हुये था, मृत्यु होने का वास्तविक कारण क्या रहा, यदि मृत्यु पुलिस की लापरवाही से हुई है, तो लापरवाही किन-किन के द्वारा कारित की गई है, अन्य बिन्दु जो जांच के दौरान परिलक्षित हो सभी बिन्दुओं पर 15 दिवस के भीतर पूरी जांच कर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करेंगें।

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