
जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत पर कमल नाथ बोले…
भोपाल। कोल्ड्रिफ कफ सिरप से हुई मौतों पर बोलते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमल नाथ ने कहा, यह बहुत दुखद है। मैं राज्य सरकार को दवाओं की कभी जांच न करने के लिए जिम्मेदार मानता हूं। अभी भी पता नहीं है कि कितनी दवाओं की जांच नहीं हो रही है। मैंने मुख्यमंत्री से बात की है। मुख्यमंत्री और सरकार को मिलकर कुछ करना चाहिए, और मुझे जो भी करना होगा, मैं करुंगा।
जहरीले कफ सीरप से अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसमें छिंदवाड़ा के 20, पांढुर्णा के दो और बैतूल के एक बच्चे हैं, लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि अब तक महज 14 बच्चों के स्वजनों को ही 4-4 लाख की सहायता राशि मिल सकी है, सबसे ज्यादा 15 मौतें परासिया ब्लाक में ही हुई है। मोरडोंगरी के पंचधार गांव में मयंक सूर्यवंशी की मौत हुई है, इस प्रकार गर्विक पवार, दिव्यांश यदुवंशी के नाम भी इस सूची में नहीं है। दूसरी ओर वेदांत काकोडिय़ा और श्रेया यादव की भी मौत हुई है, लेकिन अब तक उन्हें शासकीय रिकार्ड में शामिल नहीं किया गया है। लगातार मासूम बच्चों की मौत हो रही है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार और छिंदवाड़ा कलेक्टर आंकड़ों का सही से अंदाजा ही नहीं लगा पा रहे हैं। खुद उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला छिंदवाड़ा जिले में 17 मौत सहित प्रदेश में 20 मौत का आंकड़ा बता चुके हैं। वहीं, छिंदवाड़ा प्रशासन के पास अब तक सिर्फ 14 मौतों का आंकड़ा ही उपलब्ध है।
