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नई दिल्ली। 2019 में जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने से व्यथित हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने विरोध में नौकरी छोड़ दी। अब उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली है। इसके बाद कहा कि कांग्रेस ही देश को सही दिशा में ले जा सकती है। साल 2012 बैच के अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश कैडर के गोपीनाथन ने 2019 में इस्तीफा दे दिया था। वह मिजोरम के आइजोल में कलेक्टर रहे और दादर और नगर हवेली और दमन और दियु में अहम विभागों में सचिव पद पर रहे। साल 2020 में मातृभूमि से बातचीत में गोपीनाथन ने बताया था कि यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने 59वीं रैंक हासिल की थी। केरल से आने वाले गोपीनाथन के पिता भी सरकारी कर्मचारी रहे थे।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद गोपीनाथ ने कहा, मैंने 2019 में नौकरी से इस्तीफा दिया और तब ये पता था कि सरकार देश को जिस दिशा में लेकर जा रही है, वह रास्ता गलत है। मुझे यह भी पता था कि इस गलत के खिलाफ लड़ना है। इस फैसले के बाद मैं देश के 80-90 जिलों में गया, लोगों से बातचीत की और तमाम नेताओं से मुलाकात की। मुझे समझ आया कि कांग्रेस ही इस देश को सही दिशा में ले जा सकती है। उन्होंने कहा, हम बहुत समय बाद प्रजा से नागरिक बने थे, क्योंकि हमें सवाल पूछने का हक है। मगर हमने यह भी देखा कि इस सरकार में जो भी सवाल पूछता है, उसे देशद्रोही बता दिया जाता है। उन्होंने कहा, मुझे काफी वक्त लगा लेकिन खुशी है कि आज मैं कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हूं और मुझे पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा।

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