
इन्दौर। पैतृक कृषि भूमि का बंटवारा एवं नामांतरण करने तथा पावती बनाने के एवज में सेवानिवृत शिक्षक से चार हजार की रिश्वत लेते रंगारंग हाथ पकड़ाए पटवारी को सक्षम न्यायालय ने तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि छैगांव माखन, जिला खंडवा के पटवारी राजेश धात्रक द्वारा केंद्रीय विद्यालय महू जिला इंदौर के सेवानिवृत्त शिक्षक मांगीलाल प्यासे की पैतृक कृषि भूमि का बंटवारा एवं नामांतरण करने तथा पावती बनाने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर में की थी। जिस पर 21 जनवरी 2020 को एक ट्रैप कार्रवाई करते लोकायुक्त पुलिस टीम ने पटवारी राजेश धात्रक को आवेदक से 4,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा एवं विवेचना उपरांत 3 नवंबर 2022 को आरोपी राजेश धात्रक के विरुद्ध अभियोग पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था। जिस पर सुनवाई उपरांत विशेष न्यायालय ने पटवारी को दोषी करार देते उक्त सजा से दंडित किया।
