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चंडीगढ़। चंडीगढ़ से राज्यसभा चुनाव के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस मामले ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। दरअसल निर्दलीय प्रत्याशी नवनीत चतुर्वेदी, जिन्होंने पंजाब से राज्यसभा की सीट के लिए नामांकन दाखिल किया था, अब फर्जी समर्थन के आरोप में गिरफ्तार हुए हैं। उन पर आरोप है कि चतुर्वेदी ने आम आदमी पार्टी (आप) के 10 विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर अपने नामांकन पत्र में दर्ज कराए थे।
मामला तब सुर्खियों में आया जब आप के 6 विधायकों ने रिटर्निंग ऑफिसर को लिखित में बताया कि उन्होंने कभी चतुर्वेदी के समर्थन में हस्ताक्षर नहीं किए और न ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। इसके बाद जांच में हस्ताक्षरों के फर्जी साबित होने पर रिटर्निंग ऑफिसर ने चतुर्वेदी का नामांकन खारिज किया। इसके बाद आप विधायक दिनेश चड्ढा की शिकायत पर रोपड़ पुलिस ने उनके खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए चंडीगढ़ पहुंची।
हालांकि, तब चंडीगढ़ पुलिस पहले से ही चतुर्वेदी को सुरक्षा दे रही थी, क्योंकि वे राज्यसभा उम्मीदवार थे। इसी दौरान सुखना झील के पास पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। दोनों पक्षों के बीच काफी बहस के बाद चंडीगढ़ की एसएसपी कवरदीप कौर मौके पर पहुंचीं और हालात को काबू किया। लंबी प्रक्रिया के बाद अंततः चतुर्वेदी को पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिया।
इस पूरे घटनाक्रम पर आप ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि चंडीगढ़ पुलिस, जो केंद्र के अधीन है, ने भाजपा के इशारे पर चतुर्वेदी को “सुरक्षा के नाम पर बचाने” की कोशिश की। पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि भाजपा की “धोखाधड़ी की साजिश” अब उजागर हो गई है और सच सामने आ चुका है। दूसरी ओर, आरोपी चतुर्वेदी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर कहा कि उन्होंने किसी भी विधायक के हस्ताक्षर फर्जी नहीं किए। उनके अनुसार, उनके नामांकन की फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए थी, लेकिन राजनीतिक दबाव में आप विधायकों ने अपने हस्ताक्षरों से मुकर गए।
फिलहाल, राज्यसभा चुनाव में बाकी सभी नामांकन रद्द हो चुके हैं। इसके बाद संभावना है कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार राजेंद्र गुप्ता निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने जाएंगे। यह मामला न केवल चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस के बीच टकराव का प्रतीक बना, बल्कि राज्यसभा चुनाव में राजनीतिक साज़िश और शक्ति संघर्ष का नया उदाहरण भी पेश कर गया।

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