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मुंबई। मुंबई में एक बांग्लादेशी ट्रांसजेंडर (तृतीयपंथी) ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया। ज्योति उर्फ ​​गुरु मां (असली नाम बाबू अयान खान) पिछले 30 सालों से मुंबई में अवैध रूप से रह रही थी। पुलिस जांच में पता चला है कि उसने पिछले कुछ सालों में 20 से ज़्यादा फ्लैट, दुकानें और काफी संपत्ति अर्जित की है। दरअसल मुंबई पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते की जांच के दौरान ज्योति उर्फ ​​गुरु मां के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। ज्योति पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद बॉर्डर से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। मुंबई में बसने के बाद, उसने ट्रांसजेंडर समुदाय में गुरु मां के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की। उसके घर पर धार्मिक अनुष्ठानों और आशीर्वाद के लिए 300 से ज़्यादा अनुयायी आते थे। उसने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर मुंबई में अपना साम्राज्य खड़ा किया। उसे पहली बार मार्च 2025 में हिरासत में लिया गया था, लेकिन फर्जी दस्तावेज दिखाकर वह फरार हो गई। अक्टूबर 2025 में जब इन दस्तावेजों का सत्यापन हुआ तो पता चला कि वह घुसपैठिया है और उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। पता चला है कि ज्योति के पास मुंबई के रफीक नगर, गोवंडी जैसे इलाकों में 20 से ज्यादा संपत्तियां हैं। इसमें फ्लैट, दुकानें और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाके शामिल हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये है। उसने कुछ खाली जमीन और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों पर अतिक्रमण कर 200 से ज्यादा घरों पर कब्जा कर लिया। वह इन घरों को किराए पर देकर हर महीने लाखों रूपये कमा रही थी। इतना ही नहीं, जांच में यह भी पता चला है कि वह 200 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत लाने में शामिल थी। बताया गया है कि उनमें से कुछ को जबरन वेश्यावृत्ति के लिए भी भेजा गया था।
फ़िलहाल ज्योति के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम 1950, विदेशी नागरिक आदेश 1948, 1946 और भारतीय दंड संहिता के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें जाली दस्तावेज़, धोखाधड़ी, भारत में अवैध प्रवास और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इससे पहले, मुंबई पुलिस के आतंकवाद निरोधी प्रकोष्ठ ने बताया है कि उसके खिलाफ शिवाजी नगर, नारपोली, देवनार, ट्रॉम्बे और कुर्ला पुलिस थानों में दंगा और सार्वजनिक उपद्रव के 5 मामले दर्ज किए गए थे।

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