
बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन के बैनर तले विद्युत वितरण कम्पनी कार्यालय के मुख्य गेट पर उपभोक्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया गया
गुना | मध्यप्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन के राज्य कमेटी के लोकेश शर्मा साथी प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बताया कि गुना सहित पूरे मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर की नीति के खिलाफ लगातार विरोध चल रहा है विगत 6 अक्टूबर को प्रदेश की राजधानी भोपाल के अंदर प्रदेशभर के लोग एकत्रित हुए और स्मार्ट मीटर की नीति वापस लेने की मांग की भारी विरोध के दवाव में कई जगह कंपनी को झुकना पढ़ा है किन्तु अभी जिन घरों में मीटर लग गये है वहाँ की जनता बहुत परेशान है। आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल 5000रुपये से 10000 प्रति माह तक आ रहें है, वही कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल एक महीने में ही दो बार तक आ रहें है। नियत दिनांक तक अगर उपभोक्ता बिजली बिल जमा नहीं कर पाया बडी हुई पैनल्टी के बिजली बढ़कर आ रहा है। और बिना कोई पूर्व सूचना के कई जगह बिजली काट दी जा रही है। घरों में स्मार्ट मीटर के बिल की पर्ची नहीं आने कारण कई बस्तियों में लोगों को पता ही नही चल रहा है बिल, जब एक साथ 3-4माह का बिल जुड़कर आता है तो कई हज़ार आ रहा है।
बढ़ती महंगाई,बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और इलाज से जनता पहले से ही परेशान है ऐसे में गुना जिलें में स्मार्ट मीटर के बिलों ने उनके परेशानियों को बढ़ा दिया है। लोग बहुत परेशान हैं लेकिन कहीं पर उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। हालात सिर्फ गुना जिले के ही नहीं बल्कि जहां भी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं वहां लोग सड़कों पर निकल कर इसका विरोध कर रहे हैं।
ऑल इंडिया बिजली उपभोक्ता एशोसियेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष समर सिन्हा जी ने कहा कि कंपनी की तानाशाही को मजबूत करने के लिए सरकार उन्हें खुद के पुलिस थाने खोलने की मंजूरी दे रही है जो कि जनहित के खिलाफ है। यही नहीं बिजली महंगी होने से हर वो चीज भी महंगी हो जाएगी जिसका उत्पादन बिजली की सहायता से किया जाता है। स्पष्ट है कि स्मार्ट मीटर आम जनता के हितों के खिलाफ और बिजली के निजीकरण को बढ़ावा देकर कंपनियों की अकूत लूट को स्थापित करने वाला है।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर निजी कंपनियों द्वारा आम जनता की गाड़ी कमाई को लूटने के लिए लगाए जा रहें है।
ट्रेड यूनियन लीडर नरेंद्र भदौरिया ने कहा के जनता समझ रही है कि सरकार ने मध्यप्रदेश की बिजली को प्राइवेट कंपनी को ठेके पर दे दिया गया है। बिजली सेवा का क्षेत्र है जिसमें व्यापार नहीं होना चाहिए। सरकार ने जनता के हितों को अनदेखा कर बिजली को निजी हाथों में दे दिया है जो जनता के साथ धोखाधड़ी है। ऐसे दौर में हमारी सरकारों द्वारा लाया गया प्रीपेड स्मार्ट मीटर का नियम आम नागरिक को बिजली से दूर करने का नियम है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर का नियम बिजली की सब्सिडी खत्म करने का नियम है जिन उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए है उन्होंने बताया कि बिना लाइट के भी स्मार्ट मीटर चल रहा है । कहीं कहीं देखा गया कि घर बंद होने के बाबजूद हज़ारों में उपभोक्ताओं का बिल आया है। प्रदर्शन को राकेश मिश्रा, आनंद सक्सेना, मनोज रजक, एडवोकेट सीमा राय ने भी संबोधित किया, प्रदर्शन का संचालन विकास बंसल द्वारा किया गया। गुना शहर की कई बस्तियों से उपभोक्ता शामिल हुए। उपभोक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा अगर जल्द ही स्मार्टमिटर नहीं हटाएं तो जनता फिर अपनी निर्णायक कार्यवाही करेगी जिसकी जिम्मेदारी बिजली कम्पनी की होगी। उपमहाप्रबंधक ने जिनके बिल बढ़कर आएं है वे शिकायत करें वहां चैक मीटर लगाने का आश्वाशन दिया।
