
राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने लोकायुक्त ट्रेप के बाद हुए महिला प्रभारी प्राचार्य के स्थानांतरण पर अंतरिम रोक लगा दी। साथ ही राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया। याचिकाकर्ता रीवा निवासी विद्याचरण अहिरवार की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, पुरैना में प्रभारी प्राचार्य के रूप में पदस्थ थी। उसके विरुद्ध आरोप है कि लोकायुक्त की टीम ने उसे एक हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए ट्रेप किया था। ट्रेप होने के बाद आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा उनका ट्रांसफर शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल पुरैना रीवा से शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, पिपराही, मऊगंज कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उनका स्थानांतरण दंडात्मक प्रकिया के तहत किया गया है। जबकि उनके विरुद्ध आरोप प्रमाणित नहीं है। इसके बावजूद उसके विरु0 दंडात्मक कार्यवाही करते हुए स्थानांतरण करना अनुचित है। याचिका की सुनरवाई के बाद हाई कोर्ट ने स्थानांतरण पर स्थगन आदेश जारी करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर 15 दिनो में जवाब पेश करने के निर्देश दे दिए।
