Spread the love

दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 506 रहा, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। दुनियाभर में वायु प्रदूषण को मापने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘आईक्यू एयर’ की लाइव रैंकिंग में दिल्ली दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। दिल्ली में धुंध की मोटी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। नवंबर के महीने में अभी तो सर्दी शुरुआती दौर में है, लेकिन अभी से ही राजधानी में प्रदूषण के चलते लोगों को परेशानी होने लगी है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार हो गया है।
दिल्ली सरकार ने बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते नवंबर-दिसंबर में सभी स्कूलों में स्पोर्ट इवेंट्स पर रोक लगा दी है। इससे पहले 18 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली के स्कूलों में स्पोट्र्स फंक्शन न हो। दिल्ली-एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से थोड़ी भी राहत मिलती नहीं दिख रही है। पिछले कई दिनों से दिल्ली का एक्यूआर 400 के पार बना हुआ है। ऐसे में राजधानी के कई इलाकों में लोगों को सांस लेने तक में पेरशानी की समस्या शुरू हो गई है। दिल्ली का एक्यूआई पिछले एक सप्ताह से बेहद गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। 14 नवंबर को जहां यह 380 के आसपास था तो वहीं अगले दिन 15 नवंबर को 370 के करीब आ गया था। एक्यूआई में 18 नवंबर को अचानक उछाल आया था और यह बढक़र 400 के पार चला गया था।
दिल्ली में लागू हो सकता है ग्रैप-4
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को देखते हुए अब माना जा रहा है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो ग्रैप-4 लागू किया जा सकता है। खराब होती एयर क्वालिटी को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट पहले ही 11 नवंबर को पूरे देश में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-3 लागू कर चुका है। इन उपायों का मकसद कंस्ट्रक्शन, गाडिय़ों की आवाजाही और इंडस्ट्रियल ऑपरेशन पर सख्त रोक लगाकर एमिशन को कंट्रोल करना है।
आउटडोर स्पोट्र्स न करने की सलाह
राजधानी के प्रदूषण को देखते हुए हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि स्कूली बच्चों को नवंबर से जनवरी तक बहुत ज्यादा प्रदूषण वाले सर्दियों के महीनों में आउटडोर स्पोट्र्स नहीं खेलने देना चाहिए। जस्टिस सचिन दत्ता ने नाबालिग छात्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि अधिकारी बच्चों की सेहत की रक्षा करने में नाकाम रहे हैं और उन्हें सालाना स्पोट्र्स कैलेंडर बदलना चाहिए ताकि इन जहरीले महीनों में कोई आउटडोर इवेंट न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *