Spread the love

तिरुवनंतपुरम। जब कानून के तहत एक विवाहित व्यक्ति के साथ भी सहमति से संबंध बनाने की अनुमति है, तो फिर एक अविवाहित पुरुष के कई व्यक्तियों के साथ सहमति से यौन संबंध बनाने में क्या गलत है। इसमें गलत क्या है और इस आधार पर यह जमानत कैसे खारिज की जा सकती है। ये टिप्पणी केरल के हाईकोर्ट की है। दरअसल, कोर्ट ने केरल विधायक राहुल ममकूटाथिल की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट का कहना है कि किसी अविवाहित पुरुष के कई लोगों से सहमति से शारीरिक संबंध बनाने में परेशानी क्या है। राहुल तिरुवनंतपुरम सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के खिलाफ केरल हाईकोर्ट पहुंचे थे। आरोपों के बाद कांग्रेस ने राहुल को बीते साल अगस्त में निलंबित कर दिया था।
बता दें कि राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ तीन यौन हिंसा के मामले दर्ज हैं। वह पहले ही दो मामलों में जमानत हासिल कर चुके हैं। साथ ही मौजूदा मामले में कोर्ट ने गिरफ्तारी से सुरक्षा दी है। मौजूदा याचिका 27 नवंबर 2025 को एक महिला और उनके परिवार की ओर से मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को सौंपे पत्र से जुड़ी है। पत्र के जरिए विधायक पर बलात्कार और जबरन गर्भपात कराने के आरोप लगाए गए थे। महिला के आरोप थे कि विधायक ने बगैर उनकी सहमति के निजी वीडियो रिकॉर्ड किए और वायरल करने की धमकी दी।
केरल हाईकोर्ट ने सवाल उठाए कि सिर्फ इस आधार पर जमानत याचिका क्यों खारिज होनी चाहिए कि आरोपी के कई महिलाओं से यौन संबंध थे। जस्टिस कौसर एडप्पागाथ याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। हाईकोर्ट ने दिसंबर में राहुल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। बुधवार को अदालत ने अग्रिम जमानत के खिलाफ अभियोजन पक्ष की तरफ से दी गईं दलीलों पर सवाल उठाए।कोर्ट ने पाया कि आरोपी और शिकायतकर्ता महिला कथित अपराध के पहले सहमति से संबंध में थे। पीड़िता ने स्वीकार किया है कि वह कथित अपराध के बाद पलक्कड़ चली गई थीं और राहुल के साथ 2 दिनों तक रही थीं। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने सहमति से सेक्स की बात भी स्वीकार की है।
शिकायतकर्ता के बयान को देखते हुए कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से यह साफ करने को कहा कि कृत्य सहमति से सेक्स था या जबरदस्ती यौन संबंध का है। जज ने कहा, हम धारा 376 के तहत बलात्कार के अपराध पर बात कर रहे हैं। नग्न वीडियो बनाना एक अलग अपराध है और अगर वह किया गया है तो उसपर अलग से विचार किया जा सकता है। बुधवार को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने ममकूटाथिल की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अग्रिम जमानत याचिका में राहुल ने माना है कि उन्होंने शिकायतकर्ता के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे, लेकिन उन्होंने दावा किया है कि संबंध सहमति से बने थे। इधर, शिकायतकर्ता का कहना है कि विधायक घटना की गलत जानकारी देकर कोर्ट को गुमराह कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *