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जबलपुर। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सरकार को बालाघाट नगर पालिका अध्यक्ष के भ्रष्टाचार के विरुद्ध आरोपों की जांच 90 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। यह भी साफ कियाा है कि यदि आरोप साबित पाए जाएं तो नगर पालिका अधिनियम के विहित प्रविधान अंतर्गत पद से हटाने की कार्रवाई करें।
याचिकाकर्ता बालाघाट निवासी पार्षद केवल सोनेकर, सुधीर चिले, सौरभ जैन व राज हरिनखेरे की ओर से अधिवक्ता आशीष त्रिवेदी आनंद शुक्ला व अपूर्व त्रिवेदी ने पैरवी की। उन्होंने दलील दी बालाघाट नगर पालिका अध्यक्ष भारती ठाकुर द्वारा स्वयं आदेश पारित कर विधि विरुद्ध रूप से रैन बसेरा का फर्नीचर स्वयं के उपयोग में अपने घर में उपयोग कर नगर पालिका को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। इसी प्रकार अध्यक्ष ने निजी वाहन इनोवा क्रिस्टा जिसकी फ्यूल कैपेसिटी 55 लीटर है, उसमें एक बार में अनेक बार 70 लीटर से ज्यादा डीजल भरवा कर नगर पालिका निधि का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया है। अध्यक्ष द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के गीत को भी परिवर्तित नगर पालिका निधि से किया है। इन सभी भ्रष्ट आचरण की शिकायत शासन को की गई परंतु शासन ने कोई कार्यवाही नहीं की। इसीलिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।

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