
दमोह। बुंदेली संस्कृति, लोककला और परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से बुंदेली गौरव न्यास द्वारा आयोजित 17 दिवसीय बुंदेली दमोह महोत्सव का समापन गरिमामय और उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ। अंतिम दिन महोत्सव में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सहयोगियों का सम्मान किया गया, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। महोत्सव के समापन से एक दिन पूर्व रात्रि 10ः30 बजे तक बुंदेलखंड की प्रसिद्ध लोकगायिका कविता शर्मा ने अपनी शानदार प्रस्तुति देकर पूरे मेले के माहौल को संगीतमय बना दिया।

लगभग दो घंटे तक चली प्रस्तुति में कविता शर्मा के बुंदेली गीतों पर दर्शक झूमते-नाचते नजर आए। उनकी सुमधुर आवाज और पारंपरिक गीतों ने बुंदेली संस्कृति की गहराई को मंच पर जीवंत कर दिया। वहीं महोत्सव के अंतिम दिन स्थानीय ऑर्केस्ट्रा टीम द्वारा प्रस्तुत किए गए लोकप्रिय गीतों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत, ताल और उत्साह से भरे इस कार्यक्रम ने महोत्सव को यादगार बना दिया।

इस अवसर पर बुंदेली गौरव न्यास के पदाधिकारियों ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों, संस्थाओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। न्यास के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे सांस्कृतिक आयोजन संभव हो पाते हैं और भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा की जाती है।

उल्लेखनीय है कि 17 दिनों तक चले इस महोत्सव में बुंदेली लोकसंस्कृति, गीत-संगीत, कला और सामाजिक समरसता की सुंदर झलक देखने को मिली, जिसने न केवल दमोह बल्कि आसपास के क्षेत्रों से आए दर्शकों को भी बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा।


