
राम मंदिर, तीन तलाक और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों को भी उठाया
जयपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने राम मंदिर, तीन तलाक और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर सरकार की आलोचना की और कई सवाल उठाए।
अय्यर ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के दौरान देश के शंकराचार्यों की उपेक्षा की गई और प्रधानमंत्री ने खुद मंदिर का उद्घाटन किया, जो उनके अनुसार धर्मनिरपेक्षता की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का कोई निजी धर्म नहीं होना चाहिए और उन्हें सभी धर्मों से समान दूरी बनाए रखनी चाहिए।
तीन तलाक और मुस्लिम महिलाओं पर टिप्पणी
तीन तलाक के मुद्दे पर अय्यर ने कहा कि भाजपा इस विषय को लेकर भ्रामक दावे कर रही है। उन्होंने तर्क दिया कि इस्लाम में चार पत्नियां रखने की अनुमति तभी है जब सभी के साथ समान व्यवहार किया जा सके, जो व्यवहारिक रूप से बहुत कठिन है। उन्होंने एक पुरानी जांच समिति का हवाला देते हुए दावा किया कि हिंदू और सिख समुदायों में एक से अधिक विवाह के उदाहरण मुसलमानों की तुलना में अधिक पाए गए थे।
‘लव जिहाद’ शब्द पर आपत्ति
अय्यर ने ‘लव जिहाद’ शब्द को भी खारिज करते हुए कहा कि प्यार में जिहाद या बदले की भावना नहीं हो सकती। उनके अनुसार यह शब्द राजनीतिक रूप से गढ़ा गया है और इसका इस्तेमाल समाज में विभाजन पैदा करने के लिए किया जाता है।
‘चाय बेचने’ के दावे पर सवाल
प्रधानमंत्री मोदी के ‘चाय बेचने वाले’ अतीत पर सवाल उठाते हुए अय्यर ने कहा कि मोदी के गृहनगर वड़नगर में 1973 तक रेलवे प्लेटफॉर्म ही नहीं था। ऐसे में उन्होंने पूछा कि अगर प्लेटफॉर्म नहीं था तो चाय कहाँ बेची गई। अय्यर ने आरोप लगाया कि ऐसे दावों और राजनीतिक कथाओं के जरिए लोगों को प्रभावित कर सत्ता हासिल की गई। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में मुसलमानों के खिलाफ फैलाई जा रही बातों से समाज में सांप्रदायिक माहौल पैदा हुआ है।
