
भोपाल। तहसीलदारों का प्रदेशभर में टोटा है, क्योंकि पदोन्नति सहित अन्य प्रक्रिया बीते कई समय से ठप पड़ी है। नतीजतन अब नायब तहसीलदारों को ही प्रभारी तहसीलदार के अधिकार दिए जा रहे हैं। राजस्व विभाग ने इसी आशय का एक आदेश जारी किया, जिसमें 234 नायब तहसीलदारों को प्रभारी बनाया गया है। शासन ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट कहा कि प्रभारी को भी तहसीलदार की शक्तियां प्राप्त रहेगी।
राजस्व विभाग के अवर सचिव राजेश कुमार कौल के इस आदेश में सभी नायब तहसीलदारों को एक पक्षीय भारमुक्त करने के साथ 25 मार्च तक स्थानांतरित किए गए नायब तहसीलदारों को अपनी नवीन पदस्थापना का कार्यभार लेना पड़ेगा। प्रभार के दौरान ये प्रभारी नायब तहसीलदार के पद का कार्य नहीं करेंगे और स्थानांतरण की नीति में वही लागू रहेगी जो शासन के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए रहती है। सभी भत्ते, वेतन की पात्रता भी रहेगी। मगर नियमित रूप से तहसीलदार के पद पर नियुक्ति जब भी होगी तो प्रभारी के रूप में की गई सेवा अवधि को तहसीलदार के पद पर कार्य के रूप में मान्य नहीं किया जाएगा। यानी भविष्य में पदोन्नति का विचार करते हुए वरीयता का कोई अधिकार इन प्रभारी तहसीलदारों को नहीं मिलेगा। विभागीय जांच, दंड देने की प्रक्रिया भी तहसीलदारों की तरह ही रहेगी। शासन ने यह भी कहा है कि प्रभारी तहसीलदार का जो प्रभार दिया गया है उसे किसी भी समय बिना सूचना के निरस्त किया जा सकता है और उन्हें उनके मूल पद यानी नायब तहसीलदार के रूप में ही पुन: भेजा जा सकेगा।
