
जबलपुर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सचिन ज्योतिषी की अदालत ने स्मार्ट सिटी अस्पताल संचालक डॉ अमित खरे को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फंसाने के आरोपित रांझी निवासी प्रवीण कुमार दाहायत की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियाेजक सुशील सोनी ने अर्जी का विरोध किया। उन्होंने व आपत्तिकर्ता के वकील ने दलील दी कि आरोपित आदतन अपराधी है। वह पूर्व में भी भोले-भाले लोगों को जाल में फंसा चुका है। आपत्तिकर्ताआें की ओर से कहा गया कि आरोपित फर्जी पत्रकार बनकर अवैध वसूली करता है। खुद को विधि का छात्र भी निरूपित करता है। इस तरह पत्रकारित व वकालत जैसे नोबल प्रोफेशन का दुरुपयोग करता है। उसे राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है। खुद को समाजसेवी संगठन का संरक्षक बताकर अनुचित गतिविधियों में संलिप्त रहता है। ब्लैकमेल कर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देता है। अदालत ने तर्क सुनने के बाद जमानत से इनकार कर दिया।
