
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित देहरादून दौरे से ठीक पहले उत्तराखंड एसटीएफ ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने प्रेमनगर इलाके से आईएसआई से जुड़े एक खतरनाक एजेंट को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप के रूप में हुई है, जो झाझरा का निवासी है। चौंकाने वाली बात यह है कि वह देहरादून में गाड़ियों की धुलाई का काम करता था, ताकि किसी को उस पर शक न हो, जबकि पर्दे के पीछे वह सीधे पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में था।
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि विक्रांत तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नामक नए आतंकी संगठन की जड़ें मजबूत कर रहा था। वह पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट और खूंखार आतंकी शहजाद भट्टी के साथ लगातार संपर्क में था। एसटीएफ ने उसके पास से एक .32 बोर की इटालियन मार्क पिस्टल, सात जिंदा कारतूस और एक स्प्रे पेंट बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, विक्रांत पिछले एक महीने से रडार पर था। वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने वाले भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस आतंकी नेटवर्क के जाल में फंसा था।
आतंकी संगठन का मुख्य मकसद देहरादून से लेकर दिल्ली तक स्लीपर सेल की फौज खड़ी करना था। जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे उसके आका अक्सर उससे पूछते थे कि दिल्ली की दूरी कितनी है, जो राजधानी में किसी बड़ी वारदात की साजिश की ओर इशारा करता है। विक्रांत ने देहरादून के कई महत्वपूर्ण केंद्रीय, सैन्य और पुलिस संस्थानों के संवेदनशील वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान भेज दिए थे। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में यह भी पता चला है कि संगठन ने उसे दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में धमाके करने या दहशत फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां उसके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस साजिश में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।
