
भोपाल। राजधानी के विशेष न्यायालय ने एफआईआर की धमकी और गिरफ्तारी का डर दिखाकर रिश्वत मांगने के मामले में रंगे हाथ पकड़ाये सूखीसेवनिया थाने में पदस्थ तत्कालीन एएसआई ज्ञान सिंह चंदेल को 5 साल जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश राम प्रताप मिश्र की कोर्ट ने सुनाया है। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक विवेक गौड़ ने पैरवी की। जानकारी के अनुसार मामला 2015 का है। सूखीसेवनिया थाने में पदस्थ तत्कालीन एएसआई ज्ञान सिंह चंदेल ने बरखेड़ा निवासी हिमांशु शर्मा से पैसो की मांग की थी। हिमांशु ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत में बताया कि एएसआई ज्ञान सिंह चंदेल ने फोन कर कहा था, कि उनके और उनके छोटे भाई के खिलाफ थाने में अज्ञात शिकायत आई है। इसके बाद आरोपी एएसआई ने मामला दर्ज कर एफआईआर करने की धमकी देते हुए 15 हजार रुपए और एक कूलर देने की मांग की। लगातार रिश्वत का दबाव पड़ने पर हिमांशु ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद उसे रंगे हाथो दबोचा गया था। लोकायुक्त ने इस मामले में 5 जनवरी 2016 को चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट में प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा से दण्डित किया गया है।
