प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा

दमोह – रीवा में जैन समाज की साध्वियों साथ घटित घटना के विरोध में जैन समाज द्वारा व्यापक स्तर पर मौन आक्रोश के साथ श्री दिगंबर जैन पंचायत, दमोह , श्री दिगंबर सिद्ध क्षेत्र कुण्डलगिरी के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संतों की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
श्री दिगंबर जैन पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंघाई ने कहा कि जैन समाज अहिंसा, संयम और शांति का प्रतीक रहा है, लेकिन हाल रीवा की घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। समाज ने इसे सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करता हैऔर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग करता है।
श्री दिगंबर सिद्ध क्षेत्र कुण्डल गिरी अध्यक्ष चंद्रकुमार जैन सराफ ने कहा कि जैन समाज प्रशासन और सरकार से यह मांग करता है कि रीवा की घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हेतु एस आई टी अथवा न्यायिक जांच कराई जाए। घटना कि सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। और यदि सुनियोजित षड्यंत्र सामने आए तो दोषियों पर कठोर धाराएं लगाई जाएं। संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू को किया जाए संतों के विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था, चेतावनी संकेतक लगाए जाएं। हाईवे एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

महामंत्री आर के जैन ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति बने, पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय गाइडलाइन सुरक्षा एस ओ पी तैयार किया जाए। संवेदनशील मार्गों के लिए विशेष प्रावधान किए जाएं, संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष श्रेणी में रखा जाए क्योंकि संत आत्मरक्षा नहीं करते। किसी प्रकार के सुरक्षा साधनों का उपयोग नहीं करते, वह पूर्णतः अहिंसक जीवन जीते हैं, प्रशासन और समाज के बीच समन्वय स्थापित किया जाए एवं आपातकालीन संपर्क व्यवस्था विकसित की जाए।
ज्ञापन में समाज दिगम्बर जैन पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंघई, पदमचंद जैन (महामंत्री), मनोज मीनू जैन, अनिल मम्मा, आलोक पलंदी, संजीव शाकाहारी, सुनील वेजिटेरियन, चंद्रकुमार सराफ, अमित त्यागी, दिलेश चौधरी, मुकेश मम्मा, सुधीर डब्ल्यू, आशीष गांगरा, नवीन निराला, ज्ञानेंद्र इटोरया, जितेंद्र गुड्ड बजाज सहित अन्य संगठनों श्री दिगंबर जैन पंचायत, कुंडलपुर कमेटी, जैन मिलन प्रमुख शाखा एवं महिला मिलन, जैन मित्र मंडल सेवा समिति, श्रावक कल्याण समिति, शाकाहार उपासना परिसंघ की सहभागिता रही। सामाजिक संगठनों से विश्व हिंदू परिषद से अंजू खत्री, कांग्रेस कमेटी से मनु मिश्रा, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रिंस जैन की उपस्थिति रही।
ज्ञापन सौंपते समय लोगों ने कहा कि समाज का स्पष्ट संदेश है कि जैन संत निःस्वार्थ भाव से समाज को अहिंसा और मानवता का मार्ग दिखाते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा करना शासन और समाज दोनों की नैतिक जिम्मेदारी है। समाज प्रशासन से अपेक्षा करता है कि संवेदनशील मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आश्वासन दिया है कि दमोह में जैन साधु संतों के आगमन पर पूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रदान की जायेगी।
