दिल्ली के बाद मध्य प्रदेश दूसरा राज्य जहां साइबर ठगी पीडि़तों को बड़ी राहत…
पहले एक लाख रुपये थी सीमा, कम राशि वाले पीडि़तों को मिलेगा फायदा

भोपाल । साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। यह पीडि़तों के लिए मददगार साबित होगा। अब 25 हजार रुपये या इससे अधिक रकम की ठगी में भी पीडि़त साइबर हेल्पलाइन 1930 के जरिये शिकायत कर ई-जीरो एफआईआर दर्ज करा सकेंगे। अब तक यह सीमा एक लाख रुपये थी। एक लाख रुपये से कम की साइबर ठगी पर ई-जीरो एफआईआर दर्ज नहीं की जाती थी। यह निर्णय ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आने पर किया गया है।
साइबर ठगी के मामले में ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने वाला मध्य प्रदेश दिल्ली के बाद दूसरा राज्य है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा सबसे पहले दिल्ली में इसे लागू किया गया था। यहां बता दें कि 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर से पूरे प्रदेश में साइबर ठगी के मामले में ई-जीरो एफआईआर की व्यवस्था केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लागू की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री ने इसे लॉन्च किया था। इसके बाद एक लाख रुपये या इससे अधिक की ठगी के मामले में जैसे ही पीडि़त द्वारा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल किया जाता था, तो ई-जीरो एफआईआर स्वत: दर्ज हो जाती थी। अब इसकी सीमा घटाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है, क्योंकि एक लाख रुपये से कम की राशि की ठगी के मामलों की संख्या ज्यादा है। अब इससे उन पीडि़तों को मदद मिलेगी, जिनके साथ 25 हजार रुपये या इससे अधिक की ठगी हुई है।
25 हजार से कम की ठगी में ई-जीरो एफआईआर नहीं
25 हजार रुपये से कम की साइबर ठगी होगी तो इस मामले में साइबर क्राइम विंग या संबंधित थाने पहुंचकर ही शिकायत करनी होगी। हालांकि साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत कर खाता फ्रीज कराया जा सकता है, लेकिन ई-जीरो एफआईआर नहीं होगी। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल या 1930 पर कॉल कर फरियादी अपनी शिकायत दर्ज कराएं। अपने आप पोर्टल द्वारा ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले को संबंधित थाने भेज दिया जाएगा। जहां तीन दिन में उपस्थित होकर फरियादी को इसे मूल एफआईआर में परिवर्तित करवाना होगा।
