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यह पर्व केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारे कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है- कलेक्टर श्री यादव

दमोह । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पूरे प्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की जल संरचनाओं का संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जीवन करना है, प्रदेश में मौजूद पुरानी बावड़ियां, कुएं और अन्य जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। पिछली बार यह अभियान लगभग 45 दिन तक चला था, जबकि इस बार इसे तीन माह तक संचालित किया जा रहा है, जिससे अधिक प्रभावी परिणाम सामने आएंगे, इस आशय के विचार प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल ने गंगा दशहरा पर्व पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत् स्थानीय बेलाताल तालाब में श्रमदान के दौरान व्यक्त किये।राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में अभियान को पंचायत स्तर तक पहुंचाया गया है। प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में जल संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और इन्हें केवल औपचारिकता तक सीमित न रखकर धरातल पर क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होने किशनगंज और पटेरा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां कई ऐतिहासिक बावड़ियां मौजूद हैं, जिनका संरक्षण आवश्यक है। सरकार की ओर से सहयोग का आश्वासन भी दिया गया है।

            उन्होंने कहा जो जल स्रोत समय के साथ बंद हो गए हैं, उन्हें दोबारा जीवित करना और पुरानी जल संरचनाओं को सुरक्षित रखना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, राज्यमंत्री श्री पटेल ने गंगा दशहरा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए जल संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव कहा कि यह पर्व हमें गंगा मैया के त्याग, समर्पण और जनकल्याण की भावना की याद दिलाता है। यह पर्व केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारे कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है, उन्होने कहा वर्तमान समय में जल स्रोतों, नदियों और प्राकृतिक संसाधनों को स्वच्छ एवं संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि आज हम जल संरचनाओं को सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियाँ खुशहाल, स्वस्थ और समृद्ध जीवन जी सकेंगी।

उन्होंने कहा जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारा नैतिक कर्तव्य है। प्रकृति के संरक्षण के बिना मानव जीवन और भविष्य की समृद्धि संभव नहीं है। इस अवसर पर उन्होने सभी क्षेत्रवासियों को गंगा दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी गई। साथ ही गंगा मैया से प्रार्थना की गई कि वे सभी को सुख, शांति, समृद्धि और सद्बुद्धि प्रदान करें तथा जल संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी हेतु शक्ति दें।

            भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर पूरे प्रदेश में जल गंगा संवर्धन एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दमोह में भी जनसहभागिता के माध्यम से बेलाताल को स्वच्छ एवं संरक्षित बनाए रखने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने श्रमदान कर अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। आयोजकों ने सभी गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जलकुंड एवं जल स्रोतों के संरक्षण में समाज की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, सभी उपस्थितजनों ने बेलाताल की स्वच्छता एवं संरक्षण बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति निरंतर जागरूक रहने का संकल्प लिया।

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